वेनेजुएला की राजनीति में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद से भूचाल आया हुआ है। अब एक लीक ऑडियो ने इस घटनाक्रम में नया मोड़ ला दिया है, जिसमें तत्कालीन उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिकी धमकियों और सत्ता परिवर्तन से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
यह ऑडियो मादुरो की गिरफ्तारी के लगभग एक हफ्ते बाद हुई एक गुप्त बैठक का बताया जा रहा है। इसमें डेल्सी रोड्रिगेज यह दावा कर रही हैं कि अमेरिकी सैनिकों ने उन्हें और सरकार के शीर्ष नेताओं को जान से मारने की सीधी धमकी दी थी।
’15 मिनट का अल्टीमेटम, वरना…’
लीक हुई रिकॉर्डिंग के मुताबिक, डेल्सी रोड्रिगेज ने बैठक में बताया कि अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें सिर्फ 15 मिनट का समय दिया था। उन्हें कहा गया कि अगर निर्धारित समय में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्हें भी मार दिया जाएगा।
“अमेरिकी सैनिकों ने दावा किया था कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की हत्या कर दी गई है। इस खबर के बाद सरकार में अफरा-तफरी का माहौल था।” — डेल्सी रोड्रिगेज (लीक ऑडियो के अनुसार)
रोड्रिगेज ने यह भी कहा कि उस मुश्किल घड़ी में वह और गृह मंत्री डियोसडाडो कैबेलो किसी भी अंजाम के लिए तैयार थे। उन्होंने बताया कि सरकार का शुरुआती लक्ष्य देश में शांति कायम रखना और सत्ता को बिखरने से बचाना था, जिसके लिए उन्होंने रणनीतिक धैर्य का परिचय दिया।
क्या सत्ता परिवर्तन की पटकथा पहले से तैयार थी?
इस मामले में ब्रिटिश अखबार ‘द गार्जियन’ की एक रिपोर्ट ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, डेल्सी रोड्रिगेज और अमेरिका के बीच पिछले साल नवंबर से ही गुप्त बातचीत चल रही थी। बताया गया है कि रोड्रिगेज ने वॉशिंगटन को यह संकेत दे दिया था कि मादुरो का सत्ता में बने रहना अब मुमकिन नहीं है।
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि रोड्रिगेज ने देश को अराजकता से बचाने के लिए एक नियंत्रित सत्ता हस्तांतरण की पेशकश की थी। उन्होंने अमेरिका को भरोसा दिलाया था कि मादुरो के हटने के बाद वह स्थिति को संभालने के लिए तैयार हैं।
अफवाहों के बीच सत्ता पर मजबूत पकड़
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद यह अफवाह फैली थी कि डेल्सी रोड्रिगेज डरकर रूस के मॉस्को भाग गई हैं। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, वह वेनेजुएला के मार्गारीटा द्वीप पर रहकर हालात पर नजर बनाए हुए थीं। 5 जनवरी को वह राजधानी कराकस लौटीं और औपचारिक रूप से कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। इसी दौरान उनके भाई जॉर्ज रोड्रिगेज ने संसद प्रमुख का पद संभाला, जिसे कई लोग एक पूर्व-नियोजित योजना का हिस्सा मान रहे हैं।
ट्रंप ने भी दिए थे बातचीत के संकेत
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इन गुप्त वार्ताओं की ओर इशारा किया था। ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका की डेल्सी रोड्रिगेज से कई बार बातचीत हुई है और वह (रोड्रिगेज) स्थिति को अच्छी तरह समझती हैं। ट्रंप के इस बयान से उन अटकलों को और बल मिला कि मादुरो को हटाने की भूमिका काफी पहले से तैयार की जा रही थी।





