Hindi News

जेल में बंद इमरान खान को नोबेल पीस प्राइज के लिए किया गया नॉमिनेट, दूसरी बार हुआ ऐसा

Written by:Rishabh Namdev
Published:
एक बार फिर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया गया है। हालात इस समय ऐसे हैं कि इमरान खान पाकिस्तान की जेल में बंद हैं, बावजूद इसके उन्हें नॉमिनेशन में मौका दिया गया है।
जेल में बंद इमरान खान को नोबेल पीस प्राइज के लिए किया गया नॉमिनेट, दूसरी बार हुआ ऐसा

कुछ समय पहले पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। दरअसल, पाकिस्तान में सत्ता उलट-पुलट का मामला पूरे विश्व में चर्चा का विषय बना था। इसके बाद से ही पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जेल में बंद हैं, लेकिन जेल में बंद होने के बाद भी अब उनका नाम फिर सुर्खियों में आया है। दरअसल, उन्हें एक बार फिर नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया गया है।

इमरान खान को मानव अधिकारों और लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए नॉमिनेट किया गया है। इस महत्वपूर्ण जानकारी की घोषणा नॉर्वे की राजनीतिक पार्टी 48 स्पेक्ट्रम से जुड़े पाकिस्तान वर्ल्ड एलाइंस द्वारा की गई है।

दूसरी बार नॉमिनेट किया गया

हालांकि यह दूसरी बार है जब इमरान खान को नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया गया है। इससे पहले 2019 में भी उन्हें नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया गया था। उस समय उन्हें भारत के साथ तनाव कम करने के लिए नॉमिनेशन मिला था। हालांकि, इमरान खान इस समय राष्ट्रीय खजाने में गड़बड़ी के आरोप के चलते जेल में बंद हैं। 2023 से ही वह बाहर आने का प्रयास कर रहे हैं। रविवार को इस नॉमिनेशन का ऐलान किया गया, और इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पार्टीएट सेंट्रम की ओर से एक पोस्टर जारी किया गया था।

पहली बार इसलिए किया गया था नॉमिनेट

दरअसल, भारत में घोषणा की गई थी कि हमें बेहद खुशी हो रही है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया है। दरअसल, नोबेल पीस प्राइज के नॉमिनेशन के लिए एक विशेष प्रक्रिया होती है। कोई भी व्यक्ति किसी को नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट नहीं कर सकता। यह अधिकार सिर्फ उन्हीं लोगों को है जो नोबेल कमेटी की तरफ से अधिकृत हैं। हालांकि, इसके लिए नामांकन किया जाता है, जिसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद आदि या इंटरनेशनल कोर्ट के जस्टिस और नोबेल शांति पुरस्कार के पूर्व विजेता भी इसके लिए नामांकन कर सकते हैं।

इसके अलावा भी कई लोग इसके लिए नामांकन कर सकते हैं जो राजनीतिक, कानून, इतिहास और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसके अलावा जो शांति और मानव अधिकारों के लिए काम करते हैं, उन्हें भी नॉमिनेशन का अधिकार है। इसके लिए एक विशेष नामांकन प्रक्रिया भी होती है, जिसके तहत हर साल सितंबर में यह प्रक्रिया शुरू की जाती है और अंतिम तिथि 31 जनवरी होती है। इसके बाद इन नामांकनों पर कमेटी द्वारा समीक्षा की जाती है और अक्टूबर में विजेता की घोषणा की जाती है। पुरस्कार 10 दिसंबर को दिया जाता है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
Follow Us :GoogleNews