भारत को मिलेगी ‘पैक्स सिलिका’ की सदस्यता! अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का बड़ा बयान, US करता है इस संगठन का नेतृत्व

सर्जियो गोर ने सोमवार, 12 जनवरी 2026 दिल्ली में एक कार्यक्रम में भाषण देते हुए हुए बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत को अगले महीने राष्ट्रों के इस समूह में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
Sergio Gor

भारत और अमेरिका के बीच इस समय व्यापारिक रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित भारी 500% टैरिफ को लेकर काफी तनाव देखने को मिल रहा है। इस बीच, अब भारत में नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक बड़ा दिया है जिससे दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक पहल की उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है।

बता दें कि भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार, 12 जनवरी 2026 दिल्ली में एक कार्यक्रम में भाषण देते हुए हुए बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत को अगले महीने राष्ट्रों के इस समूह में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

सर्जियो गोर ने कहा कि, मैं आज आपके साथ एक नई पहल भी साझा करना चाहता हूं जिसे अमेरिका ने पिछले महीने ही शुरू किया है, जिसका नाम पैक्स सिलिका है। पैक्स सिलिका अमेरिका के नेतृत्व वाली एक रणनीतिक पहल है जिसका मकसद महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा इनपुट से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, AI डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स तक एक सुरक्षित, समृद्ध और इनोवेशन-आधारित सिलिकॉन सप्लाई चेन बनाना है। पिछले महीने इसमें शामिल होने वाले देशों में जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और इजराइल शामिल हैं।

ट्रंप मोदी के रिश्तों पर क्या बोले अमेरिकी राजदूत?

अमेरिकी राजदूत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिश्तों पर जोर देते हुए कहा, मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ दुनिया भर की यात्रा की है और मैं गवाही दे सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी दोस्ती असली है। उन्होंने बताया कि ट्रंप ने नए साल के बाद डिनर पर पीएम मोदी के साथ अपनी पिछली यात्रा और महान दोस्ती को याद किया। गोर ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप अगले एक या दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं।

पैक्स सिलिका की सदस्यता से भारत को क्या होगा फायदा?

भारत की प्रस्तावित भागीदारी उसे नीति समन्वय, निष्पक्ष बाजार प्रथाओं और दीर्घकालिक तकनीकी लचीलापन पर केंद्रित इस मंच का हिस्सा बना देगी। जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आर्थिक प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय शक्ति को नई दिशा दे रही है, वैसे-वैसे पैक्स सिलिका जैसी पहलें भविष्य की वैश्विक तकनीकी व्यवस्था में अहम भूमिका निभा सकती हैं। भारत का इसमें शामिल होना उसकी बढ़ती तकनीकी महत्वाकांक्षाओं और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में मजबूत भूमिका को दर्शाता है।

‘पैक्स सिलिका’ क्या है?

‘पैक्स सिलिका’ एक अमेरिका के नेतृत्व वाला संगठन है जिसे एक सुरक्षित, समृद्ध और इनोवेशन-संचालित सिलिकॉन सप्लाई चेन बनाने के लिए बनाया गया है। इसमें महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा इनपुट से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स तक सब कुछ शामिल है। यह आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटिंग की नींव पर बना है।

इस संगठन का उद्देश्य जबरदस्ती निर्भरता को कम करना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए मौलिक सामग्री और क्षमताओं की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्र बड़े पैमाने पर परिवर्तनकारी तकनीकों को विकसित एवं तैनात करने में सक्षम हों।

पैक्स सिलिका में मौजूदा पूर्ण सदस्य

  • अमेरिका
  • जापान
  • दक्षिण कोरिया
  • सिंगापुर
  • नीदरलैंड
  • यूनाइटेड किंगडम
  • इजरायल
  • संयुक्त अरब अमीरत
  • ऑस्ट्रेलिया
Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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