ईरान में एक ओर जहां कई इलाकों में हुए धमाकों से तनाव का माहौल है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि तेहरान सैन्य टकराव से बचने के लिए बातचीत के रास्ते पर आना चाहता है. शनिवार (31 जनवरी 2026) को ईरान के कई हिस्सों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जिसने देश में चिंता बढ़ा दी है.
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, खाड़ी तट पर स्थित बंदर अब्बास शहर में एक आठ मंजिला इमारत में भीषण विस्फोट हुआ. इस घटना में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 14 अन्य घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और घटनास्थल पर राहत एवं बचाव का काम तेजी से जारी है.
ट्रंप बोले- ईरान समझौता करना चाहता है
ईरान में जारी इस तनाव के बीच शुक्रवार (30 जनवरी 2026) को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान अमेरिका के साथ एक समझौता करना चाहता है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने सैन्य टकराव टालने के लिए बातचीत में दिलचस्पी दिखाई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने ईरान को उसके परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर बातचीत शुरू करने के लिए एक समयसीमा दी है, हालांकि उन्होंने इसकी तारीख सार्वजनिक नहीं की. उन्होंने तनाव की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा, “हमने ईरान की ओर एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा भेजा है.” यह बेड़ा क्षेत्र में तैनात अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर समूह का हिस्सा है.
ईरान का पलटवार, अमेरिका-इजरायल पर आरोप
अमेरिका के दावों के ठीक विपरीत, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेशेज़कियान ने शनिवार को अमेरिका, इजरायल और कुछ यूरोपीय देशों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ये देश ईरान में हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान तनाव भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर सीधे तौर पर निशाना साधा.
इससे पहले ईरान ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि उसकी मिसाइल और रक्षा क्षमताएं किसी भी तरह की बातचीत का हिस्सा नहीं होंगी. ट्रंप ने जहां एक ओर समझौते की उम्मीद जताई, वहीं यह भी साफ किया कि अगर समझौता नहीं होता है तो आगे की स्थिति पर विचार किया जाएगा, जिससे सैन्य विकल्प खुले रहने के संकेत मिलते हैं.





