कराची: पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान शनिवार को एक बार फिर दहल उठा। अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक साथ पांच जिलों में सुरक्षाबलों पर समन्वित हमले किए, जिसमें कम से कम 10 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में 37 उग्रवादियों के मारे जाने का भी दावा किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, ये हमले प्रांत के सुरक्षा ढांचे को कमजोर करने के मकसद से किए गए थे। हालांकि, तेज कार्रवाई के चलते एक बड़े संकट को टाल दिया गया। हमलों के बाद पूरे प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
एक साथ 5 जिलों को बनाया निशाना
स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह क्वेटा, पसनी, मस्तुंग, नुश्की और ग्वादर में लगभग एक ही समय पर हमले हुए। उग्रवादियों ने गोलीबारी के साथ-साथ आत्मघाती हमलों का भी प्रयास किया। सबसे ज्यादा तनावपूर्ण हालात राजधानी क्वेटा में रहे, जहां अकेले चार पुलिसकर्मियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। हमलों के बाद संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
BLA ने ली जिम्मेदारी, ‘ऑपरेशन हेरोफ’ का ऐलान
इन सभी हमलों की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है। संगठन ने एक बयान जारी कर कहा कि उसके निशाने पर सैन्य ठिकाने, पुलिस चौकियां और सिविल प्रशासन के अधिकारी थे। BLA ने इन हमलों को अपने तथाकथित ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण की शुरुआत बताया है। संगठन पहले भी ‘मातृभूमि की रक्षा’ के नाम पर नए हमलों की चेतावनी दे चुका है।
दशकों पुराना है बलूचिस्तान का विद्रोह
बलूचिस्तान में अलगाववादी आंदोलन दशकों से जारी है। खनिज संसाधनों से भरपूर होने के बावजूद यह इलाका पाकिस्तान के सबसे गरीब प्रांतों में से एक है। जातीय बलूच समुदाय लंबे समय से राजनीतिक उपेक्षा और आर्थिक शोषण का आरोप लगाता रहा है। हाल के वर्षों में अलगाववादियों ने दूसरे प्रांतों के पाकिस्तानी नागरिकों और विदेशी कंपनियों पर भी हमले तेज कर दिए हैं। पहले भी बलूच उग्रवादी यात्रियों से भरी ट्रेन जैसी जगहों को निशाना बना चुके हैं।





