4 अप्रैल 2026, शनिवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को सीधी धमकी दी है। दरअसल उन्होंने कहा है कि अगर भारत किसी ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ की कोशिश करता है, तो पाकिस्तान भारत के पूर्वी महानगर कोलकाता पर हमला करेगा। आसिफ का यह बयान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से देश के पड़ोसियों को किसी भी दुस्साहस से बचने की चेतावनी देने के बाद सामने आया है।
दरअसल पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने अपने बयान में भारत की किसी भी ऐसी कार्रवाई का जिक्र किया है, जिसे वह ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ बता रहे हैं। आमतौर पर ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ का मतलब ऐसी कार्रवाई से होता है, जिसमें एक देश दूसरे देश को फंसाने के लिए खुद ही हमला करके उसकी जिम्मेदारी दूसरे पर डाल देता है। आसिफ ने साफ कहा है कि ऐसी किसी भी हरकत की स्थिति में पाकिस्तान भारत के पूर्वी हिस्से पर, खासकर कोलकाता पर, हमला करने से नहीं हिचकेगा। उन्होंने इस धमकी को पाकिस्तान की तरफ से भारत के किसी भी संभावित ‘दुस्साहस’ के खिलाफ जवाबी कार्रवाई बताया है। यह एक गंभीर धमकी मानी जा रही है, जो दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा सकती है।
भारत की चेतावनी और पाकिस्तान का जवाब
दरअसल, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का यह बयान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उस चेतावनी के जवाब में आया है, जो उन्होंने गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को दी थी। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना ही भारत के पड़ोसी देश को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि किसी भी तरह के दुस्साहस के बाद भारत की कार्रवाई निर्णायक होगी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा और अपने हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है।
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि भारत किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने में सक्षम है और ऐसा जवाब देगा जो न सिर्फ अभूतपूर्व होगा, बल्कि विरोधियों को दोबारा ऐसी कोशिश करने से भी रोकेगा।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी थी चेतावनी
राजनाथ सिंह ने यह चेतावनी एक ऐसे संवेदनशील समय में दी थी, जब पश्चिम एशिया में संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। फरवरी में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद से इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी है। इस अस्थिर माहौल का असर पूरे उपमहाद्वीप की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। भारत का मानना है कि इस बदलती स्थिति का फायदा उठाकर कोई भी पड़ोसी देश, खासकर पाकिस्तान, दुस्साहस कर सकता है। इसी आशंका को ध्यान में रखते हुए भारतीय रक्षा मंत्री ने यह कड़ी चेतावनी दी थी, ताकि किसी भी गलतफहमी की गुंजाइश न रहे।
भारत के रक्षा मंत्री केरलम में एक सैनिक सम्मान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जहां राज्य में चुनावी माहौल भी गरमाया हुआ था। उन्होंने अपने संबोधन में देश के सैनिकों के बलिदान को याद किया और कहा, “वर्तमान स्थिति में हमारा पड़ोसी किसी भी तरह के दुस्साहस को अंजाम दे सकता है और अगर ऐसा हुआ तो भारत की कार्रवाई अभूतपूर्व और निर्णायक होगी।”
उन्होंने साफ संकेत दिए कि भारत अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके इस बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत के कड़े रुख का संदेश गया है।
इस सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र किया था। हालांकि उन्होंने इसका पूरा विवरण उस समय नहीं दिया, लेकिन कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी तक खत्म नहीं हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बनाने की दर्दनाक घटना को भी याद किया।
राजनाथ सिंह ने कहा था कि पहलगाम में हुआ यह हमला सिर्फ भारत की सुरक्षा पर ही नहीं, बल्कि देश की सामाजिक एकता, सामाजिक समरसता और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने पर भी सीधा हमला है। उनके इस बयान का मकसद देश की आंतरिक एकता को मजबूत करना और बाहरी खतरों के प्रति पूरे देश को सतर्क रहने का संदेश देना था।






