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फिलीपींस का ‘मायोन’ ज्वालामुखी’ फिर हुआ सक्रिय, 6 किमी तक का इलाका किया गया सील, हजारों लोगों ने घर छोड़े

Written by:Rishabh Namdev
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फिलीपींस के अल्बे प्रांत में मायोन ज्वालामुखी फिर सक्रिय हो गया है, जिसके बाद हजारों लोगों को निकाला गया है। दरअसल 6 किमी का इलाका सील कर अलर्ट लेवल-3 जारी किया गया है।
फिलीपींस का ‘मायोन’ ज्वालामुखी’ फिर हुआ सक्रिय, 6 किमी तक का इलाका किया गया सील, हजारों लोगों ने घर छोड़े

फिलीपींस के अल्बे प्रांत में मायोन ज्वालामुखी ने फिर से विकराल रूप दिखाया है। दरअसल आसमान में राख के घने गुबार उठ रहे हैं और धरती से लावा निकलकर आसपास के इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है। रविवार 3 मई 2026 को ज्वालामुखी की सक्रियता बढ़ने के बाद हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ज्वालामुखी के छह किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह से सील कर दिया है। इस प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, लावा के प्रवाह और संभावित भूस्खलन के खतरे को देखते हुए चेतावनी जारी की गई है।

दरअसल मनीला के दक्षिण पूर्व में स्थित अल्बे प्रांत में, जहां यह मायोन ज्वालामुखी स्थित है, सक्रियता के स्तर को पांच-स्तरीय पैरामीटर में से बढ़ाकर तीन तक कर दिया गया है। यह अलर्ट निवासियों को आगे के विस्फोटों और मलबे के गिरने की आशंका के प्रति सचेत करता है। ज्वालामुखी की सक्रियता बढ़ने के बाद आसमान में राख का गुबार छा गया, जिसने आसपास के इलाके को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। लोगों को ज्वालामुखी के 6 किलोमीटर के दायरे में जाने से सख्त मना किया गया है।

सक्रिय माना जाता है मायोन ज्वालामुखी

बता दें कि मायोन ज्वालामुखी, जो लगभग 2,462 मीटर ऊंचा है और अपने छोटे आकार के बावजूद बेहद सक्रिय माना जाता है, में स्ट्रोम्बोलियन विस्फोट दर्ज किए जा रहे हैं। इन विस्फोटों को मध्यम श्रेणी का माना जाता है, लेकिन इनसे रुक-रुककर लावा, गैस और ज्वालामुखी मलबा बाहर निकल रहा है। यह प्रक्रिया लगातार जारी है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में खतरा बना हुआ है।

5 हजार लोगों को अस्थायी राहत केंद्रों में शरण लेनी पड़ी

ज्वालामुखी से निकली राख दूर-दूर तक फैल गई है, जिससे आसपास के इलाकों में दृश्यता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। सड़कों पर राख की परत जमने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह बाधित हुई है। इस स्थिति के चलते लगभग 5 हजार लोगों को अस्थायी राहत केंद्रों में शरण लेनी पड़ी है, जहां उन्हें भोजन और आश्रय प्रदान किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ज्वालामुखी में स्ट्रोम्बोलियन गतिविधि अभी भी जारी है, जिसमें लावा, गैस और ज्वालामुखी मलबे के रुक-रुककर विस्फोट हो रहे हैं।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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