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ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में शुक्रवार को होगी अहम परमाणु वार्ता, मतभेद के बीच ट्रंप ने दी चेतावनी

Written by:Ankita Chourdia
Published:
जंग के बढ़ते बादलों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच रद्द होने की कगार पर पहुंची बातचीत अब शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में होगी। ईरान जहां सिर्फ अपने परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा चाहता है, वहीं अमेरिका मिसाइल और अन्य क्षेत्रीय मुद्दों को शामिल करने पर अड़ा है, जिससे बैठक से पहले तनाव चरम पर है।
ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में शुक्रवार को होगी अहम परमाणु वार्ता, मतभेद के बीच ट्रंप ने दी चेतावनी

तमाम अनिश्चितताओं और तनावपूर्ण बयानों के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान बातचीत की मेज पर आने के लिए तैयार हो गए हैं। दोनों देशों के बीच यह अहम बैठक अब शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में आयोजित की जाएगी। यह बैठक पहले तुर्किये में प्रस्तावित थी, लेकिन आखिरी समय में इसके रद्द होने की नौबत आ गई थी, जिसके बाद अब ओमान की मध्यस्थता से इसका रास्ता साफ हुआ है।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पूरे इलाके में सैन्य तनाव चरम पर है। अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है और लगातार ईरान को चेतावनी दे रहा है कि अगर बातचीत विफल होती है तो कार्रवाई की जा सकती है।

ईरानी विदेश मंत्री ने की पुष्टि

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार देर रात सोशल मीडिया पर बैठक की जानकारी की पुष्टि की। उन्होंने ओमान का आभार जताते हुए लिखा, “अमेरिका के साथ परमाणु बातचीत शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे मस्कट में होगी।” अमेरिकी अधिकारियों ने भी इस बैठक के होने की पुष्टि कर दी है, लेकिन मुद्दों पर गहरे मतभेद अब भी बरकरार हैं।

एजेंडे पर दोनों देशों में ठनी

बातचीत का सबसे बड़ा रोड़ा इसका एजेंडा है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल अपने परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण होने के मुद्दे पर ही बात करेगा। ईरान अपने देश में यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) का अधिकार बनाए रखना चाहता है और किसी भी सूरत में अपना यूरेनियम देश से बाहर भेजने को तैयार नहीं है।

दूसरी तरफ, अमेरिका चाहता है कि बातचीत का दायरा बढ़ाया जाए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कहा कि बातचीत तभी सफल होगी जब उसमें ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, सशस्त्र गुटों को समर्थन और मानवाधिकार जैसे मुद्दों को शामिल किया जाएगा।

“अगर बातचीत से कोई ठोस नतीजा निकलना है तो उसमें कुछ जरूरी मुद्दे शामिल होने होंगे।” — मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री

ट्रंप की सीधी चेतावनी

जब ईरान के कड़े रुख को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधी चेतावनी दी। ट्रंप का बयान दिखाता है कि अमेरिका इस बातचीत को लेकर कितना सख्त रवैया अपना रहा है।

“मैं कहूंगा कि उन्हें (ईरान के सर्वोच्च नेता) बहुत ज्यादा चिंतित होना चाहिए।” — डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति

सूत्रों के मुताबिक, अरब और मुस्लिम देशों द्वारा व्हाइट हाउस से बातचीत का रास्ता न छोड़ने की अपील के बाद दोनों पक्ष एक बार फिर तैयार हुए हैं। इस बीच, रूस ने भी कहा है कि ईरान के यूरेनियम को अपने यहां रखने का उसका प्रस्ताव अभी भी कायम है। अब देखना यह है कि मस्कट में होने वाली यह बैठक तनाव कम करती है या इसे और बढ़ा देती है।