जबलपुर, संदीप कुमार। जैसे जैसे कोरोना के केसों में इजाफा हो रहा है वैसे वैसे अस्पतालों में मरीजो के लिए बेड भरते जा रहे है। निजी अस्पतालों कि स्थिति और भी खराब हो रही है। अधिकांश जगरों पर मरीजों के इलाज और भर्ती करने से अस्पताल प्रबधंन ने हाथ खड़े कर दिये हैं, वही सरकारी अस्पतालों में जिला प्रशासन ज्यादा से ज्यादा बेड उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।
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वर्तमान में 2000 से ज्यादा आईसीयू और ऑक्सीजन वाले बेड
जबलपुर जिले में जहाँ 15 दिन पहले तक करीब 1000 आईसीयू और ऑक्सीजन वाले बेड सरकारी और निजी अस्पताल में हुआ करते थे। वहीं अब जिला प्रशासन ने इनकी संख्या बढ़ा कर करीब 2000 के आसपास कर दी है। शुक्रवार को भी जिला अस्पताल में 72 बेड तैयार किए गए हैं जिसकी तैयारी कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने देखी। इस दौरान उनके साथ सीएमएचओ डॉ रत्नेश कुरारिया और डॉ संजय मिश्रा सिविल सर्जन भी मौजूद रहे।
कलेक्टर की अपील- नहीं है घबराने की जरुरत
जिस तरह से निजी अस्पतालो में कोरोना संबधित इलाज को लेकर लोगो की भीड़ लगी है बावजूद इसके वहाँ बेड खाली नही मिल रहे है, उसको देखते हुए कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने सभी से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त बेड है। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि अभी भी 50 से ज्यादा बेड जिला अस्पताल में खाली है।
आसपास के जिलों से आने वालों के लिए भी व्यवस्था
जबलपुर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि सिर्फ जबलपुर ही नहीं बल्कि जिले के आसपास से लगे अन्य जिलों से आने वाले मरीजो के लिए भी इलाज की व्यवस्था की गई है। इसलिए इलाज करवाने सरकारी अस्पताल में आ सकते हैं।






