पर्यटकों के लिये ढाई माह बाद खुला भेड़ाघाट, नौका विहार के लिये करना होगा इंतजार

पर्यटकों के लिये ढाई माह बाद खुला भेड़ाघाट, नौका विहार के लिये करना होगा इंतजार

जबलपुर/संदीप कुमार

कोरोना वायरस के कारण लगे लॉक डाउन ने ढाई माह के लिए विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट को भी पूरी तरह से लॉक कर दिया था। मंगलवार को करीब ढाई महीने बाद पर्यटन स्थल भेड़ाघाट गुलजार हुआ है। हालांकि शुरुआत में पर्यटकों की भीड़ जरूर कम है पर जैसे जैसे लोगो को पता चल रहा है वैसे वैसे उनके आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

दुकानें हुई गुलजार
लॉक डाउन के चलते विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में जहां पर्यटकों के ना आने के कारण सन्नाटा पसरा हुआ था, वहीं स्थानीय लोगों का व्यापार भी पूरी तरह से ठप हो गया था। ऐसे में अब लॉक खोलने के बाद भेड़ाघाट तो गुलजार हो ही गया है साथ ही सूनी पड़ी दुकानें भी आबाद हो गई हैं। भेड़ाघाट का बाजार फिर से सज गया है और पर्यटकों की खरीदारी भी शुरू हो गई है। हालांकि शुरुआत में पर्यटकों की संख्या जरूर कम है पर जल्द ही यहां पर वही भीड़ देखने लगेगी जो कि पहले दिखा करती थी।

नौका विहार के लिये अभी करना होगा इंतजार
इंतजार लॉक डाउन खोलने के बाद भले ही पर्यटकों के आने का सिलसिला में शुरू हो गया हो पर अगर आप घूमने आ रहे हैं तो नौका विहार के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। अभी जिला प्रशासन ने नौका चलाने के लिए अनुमति नहीं दी है और इसके लिये कुछ और इंतजार बाकी है।

नगर पंचायत भेड़ाघाट को राजस्व का खासा नुकसान
कोरोना वायरस के कारण लगे लॉक डाउन ने पूरे देश की आर्थिक व्यवस्था की डगमगा दिया है। इसी आर्थिक नुकसान को नगर पंचायत भेड़ाघाट भी झेल रहा है। ढाई माह के लॉक डाउन ने नगर पंचायत भेड़ाघाट की भी आर्थिक क्षति पहुँचाई है। मार्च से मई तक नगर पंचायत भेड़ाघाट को पर्यटकों के आने से अच्छा खासा राजस्व मिलता था पर इस बार लॉक डाउन ने भेड़ाघाट नगर पंचायत की भी आर्थिक व्यवस्था बिगाड़कर रख दी है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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