बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मंगलवार को अचानक जबलपुर पहुंचे और मीडिया से बातचीत में सनातनी एकता को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही मध्यप्रदेश के पांच जिलों में 5 दिन की 500 किलोमीटर पदयात्रा निकाली जाएगी। उनके मुताबिक इस यात्रा का मकसद सनातनी एकता को मजबूत करना है और हर दिन हनुमान जी का संकट नाशक हवन भी किया जाएगा।
दरअसल धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि समाज को जोड़ने के लिए पदयात्रा और रथ यात्रा जैसे प्रयास जरूरी हैं। उनके अनुसार यात्रा का उद्देश्य किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं बल्कि लोगों के बीच संवाद बढ़ाना और सनातनी एकता का संदेश पहुंचाना है।
5 दिन में 500 किलोमीटर की पदयात्रा
वहीं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि प्रस्तावित पदयात्रा करीब 500 किलोमीटर लंबी होगी और इसे पांच दिनों में पूरा किया जाएगा। यह यात्रा मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के पांच जिलों छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, सागर और दमोह से होकर निकलेगी। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान रोजाना हनुमान जी का संकट नाशक हवन आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर लोगों से मुलाकात, धार्मिक संवाद और सामूहिक कार्यक्रम भी रखे जाएंगे। उनके मुताबिक यात्रा का पूरा कार्यक्रम जल्द सार्वजनिक किया जाएगा ताकि संबंधित जिलों में इसकी तैयारियां शुरू हो सकें। बुंदेलखंड क्षेत्र में बागेश्वर धाम का बड़ा प्रभाव माना जाता है। ऐसे में इस यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि यात्रा की तारीख और विस्तृत रूट को लेकर अभी औपचारिक घोषणा बाकी है।
सनातनी एकता को बताया यात्रा का मुख्य उद्देश्य
दरअसल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बातचीत में कहा कि अब उनकी प्राथमिकता सनातनी एकता का संदेश घर-घर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी संवाद और सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाना जरूरी है इसलिए पदयात्रा को इसी उद्देश्य के साथ आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया जाएगा। उनके अनुसार यात्रा के दौरान अलग-अलग जिलों में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से मुलाकात होगी जिससे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद मजबूत हो सके।






