सरकारी अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीन ना लगाने पर दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई

सरकारी अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीन ना लगाने पर दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई

जबलपुर, संदीप कुमार। कटनी सहित 9 जिलों के सरकारी अस्पतालों में टेंडर जारी किये जाने के बावजूद भी सीटी स्कैन मशीन नहीं लगाये जाने के खिलाफ दायर मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से हाईकोर्ट के समक्ष कहा गया कि पांच माह के भीतर सभी जिलों में सीटी स्कैन मशीन लगा दी जायेगी। इस जवाब को रिकार्ड पर लेते हुए चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक व जस्टिस अतुल श्रीधरन की युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 24 मई को निर्धारित की है। हालांकि विस्तृत आदेश की फिलहाल प्रतीक्षा है।

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गौरतलब है कि एक जनहित कटनी मुड़वारा निवासी एनयूएसआई जिलाध्यक्ष दिव्यांशू उर्फ अंशु मिश्रा की ओर से दायर की गई है, जिसमें कहा गया था कि कटनी जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन के लिये वर्ष 2017 में टेंडर निकाला गया था। वर्ष 2018 में सीटी स्कैन मशीन लगाने का ठेका मेसर्स सिद्धार्थ एमआरआई एण्ड सीटी स्कैन कंपनी को दिया गया था। संबंधित कंपनी को कटनी के साथ ही मण्डला, रतलाम, बालाघाट, मंदसौर,शाजापुर, धार, खंडवा और शहडोल के जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीन लगाने का ठेका मिला था, लेकिन कंपनी ने अब तक एक भी जिले में सीटी स्कैन मशीन नहीं लगाई है। याचिका पर पूर्व में हुई सुनवाई पर न्यायालय ने सभी जिलों में अप्रैल 2021 में मशीन स्थापित करने के निर्देश दिये थे। इसके अलावा लेट लतीफी के लिए दोषी व्यक्तियों पर कार्यवाही के निर्देश भी दिये थे। वहीं पूर्व में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश किये गये जवाब में कहा गया था कि दीनदयाल, आयुष्मान तथा बीपीएल कार्ड धारियों के लिए फ्री सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है तथा एपीएल के लिए 932 रूपये शुल्क लिया जा रहा है। मामले में आगे हुई सुनवाई पर सरकार की ओर से कहा गया कि पांच जिलों में सीटी स्कैन मशीन लगा दी गयी है। कोरोना की दूसरी लहर के कारण शेष चार जिलों में मशीन नहीं लगाई गयी है। इसके लिए दो माह का समय प्रदान करने का आग्रह युगलपीठ से किया गया।

महाधिवक्ता ने युगलपीठ को बताया कि निवाड़ी जिले को छोड़कर प्रदेश के सभी 51 जिलों में अगामी पांच माह में सीटी स्कैन मशीन लगा दी जायेगी। याचिकाकर्ता ने आपत्ति करने हुए युगलपीठ को बताया कि सरकार द्वारा पूर्व में 19 जिलों में सीटी स्कैन मशीन लगाने का ठेका जारी किया गया था। जिसमें से सिर्फ दस जिलों में सीटी स्कैन मशीन लगाई गयी। शेष 9 जिलों में मशीन नहीं लगाये जाने के कारण उक्त याचिका दायर की गयी है। निर्धारित समय सीमा में प्रदेश के सभी जिलों पर सीटी स्कैन मशीन लगाये जाने की कोई गारंटी नहीं है। युगलपीठ ने इस संबंध में सरकार से दिशा-निर्देश प्राप्त कर न्यायालय को अवगत कराने के निर्देश जारी किये है।

Shruty Kushwaha
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Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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