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जबलपुर कैंट बोर्ड के फरमान का विरोध, मैदान का उपयोग करने पर 50 हजार रुपए तक किराये का बनाया है नियम

Written by:Atul Saxena
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जबलपुर कैंट बोर्ड ने उसके स्वामित्व वाले मैदानों पर कार्यक्रम करने वालों से किराया वसूलने का फरमान जारी किया है, शहर के लोग इसका विरोध कर रहे हैं ।
जबलपुर कैंट बोर्ड के फरमान का विरोध, मैदान का उपयोग करने पर 50 हजार रुपए तक किराये का बनाया है नियम

जबलपुर कैंट बोर्ड ने फरमान जारी किया है कि अब कैंट के मैदान का उपयोग करने पर 5 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक का किराया देना होगा, जिसके विरोध में मंगलवार को सदर बाजार बंद रखा गया। साधु संतों के साथ विभिन्न संगठन और राजनीतिक दलों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कैंट बोर्ड कार्यालय का घेराव किया।

आपको बता दें कैट बोर्ड ने शिवाजी मैदान में दशहरा या मोहर्रम के कार्यक्रम के लिए 51 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से किराया रखा है, इसके साथ ही अन्य छोटे मैदानों का भी किराया 5 से 11 हजार रुपए तक देना होगा। बोर्ड के इस आदेश का शहर में विरोध होने लगा है।

शहरवासियों ने किया प्रदर्शन 

मंगलवार की दोपहर को सामाजिक, राजनैतिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि रामलीला मैदान में एकत्रित हुए। सभी संगठन के प्रतिनिधि यहां से धर्म गुरुओं के नेतृत्व में रैली की शक्ल में सदर बाजार की विभिन्न गलियों से नारेबाजी करते हुए शिवाजी ग्रांउड के पास पहुंची।

पुलिस के साथ हुई छिटपुट झड़प

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए बोर्ड कार्यालय तक जा पहुंचे। स्थिति से निपटने कैंट बोर्ड कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था, लिहाजा छुटपुट झड़प के साथ प्रदर्शन किया गया।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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