जबलपुर में सोमवार दोपहर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के गेट नंबर 6 पर उस समय हलचल बढ़ गई, जब जांच के दौरान एक बैग से पॉलीथिन में लिपटा भ्रूण मिला। गेट पर तैनात पुलिस सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी और संबंधित व्यक्ति को उनके हवाले कर दिया।
प्रारंभिक पूछताछ में व्यक्ति की पहचान दयाशंकर पांडे के रूप में हुई, जो रीवा जिले के बैकुंठपुर के निवासी बताए गए। पुलिस के अनुसार दयाशंकर हाईकोर्ट में अपनी याचिका की सुनवाई के सिलसिले में पहुंचे थे और दस्तावेजों के साथ वही बैग लेकर आए थे, जिसमें भ्रूण रखा था।
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याचिका, विवाद और हादसे की पृष्ठभूमि
दयाशंकर पांडे ने पूछताछ में बताया कि जिस फर्म में वह काम करते थे, उसके मालिकों से उनका विवाद चल रहा था। उनका कहना है कि उन्होंने इस विवाद और कथित उत्पीड़न को लेकर रीवा पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने यह भी बताया कि 5 मार्च को पत्नी के साथ घर जाते समय सड़क हादसा हुआ, जिसमें पत्नी को गंभीर चोट आई। दयाशंकर के अनुसार 8 मार्च को पत्नी का मिसकैरेज हुआ। उनका कहना था कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद भी पुलिस से अपेक्षित मदद नहीं मिली, इसलिए उन्होंने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसकी सुनवाई के लिए वह जबलपुर आए थे।
“जिस फर्म में मैं काम करता था, वहां के मालिक मुझे परेशान कर रहे थे। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई।”- दयाशंकर पांडे
हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा प्रक्रिया के बाद पुलिस कार्रवाई
हाईकोर्ट गेट पर सुरक्षा जांच में मामला सामने आते ही स्थानीय थाना पुलिस ने प्रक्रिया अपने हाथ में ली। अधिकारियों के मुताबिक दयाशंकर से विस्तृत पूछताछ की गई और उनकी बात बैकुंठपुर पुलिस के संज्ञान में भी लाई गई।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने बाद में दयाशंकर को समझाइश दी। इसके बाद पुलिस और दयाशंकर पांडे की मौजूदगी में भ्रूण को करिया पाथर श्मशान घाट ले जाकर दफनाया गया।
“हाईकोर्ट में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने दयाशंकर को सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले किया। आगे की कार्रवाई में भ्रूण को करिया पाथर श्मशान घाट में दफनाया गया।”- सीएसपी सोनू कर्मी
कानूनी सुनवाई के दिन सामने आया मामला
पुलिस के मुताबिक दयाशंकर अपनी ही याचिका की पैरवी स्वयं कर रहे हैं। सोमवार को उनकी सुनवाई निर्धारित थी, इसी वजह से वे कोर्ट परिसर पहुंचे थे। घटना ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा जांच की संवेदनशीलता को फिर रेखांकित किया, क्योंकि मामला सीधे प्रवेश द्वार पर जांच के दौरान पकड़ा गया।
फिलहाल पुलिस ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की जानकारी दी है। साथ ही, दयाशंकर द्वारा बताए गए बिंदुओं को संबंधित क्षेत्रीय पुलिस तक पहुंचाया गया है, ताकि आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई स्थानीय स्तर पर तय की जा सके।