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भ्रष्टाचार का गढ़ बना जबलपुर नगर-निगम, विकास के नाम पर करोड़ों की लूटमार, नहीं सुधरे शहर के हालात

Written by:Sushma Bhardwaj
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नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने आरोप लगाया है कि 6 कन्सलटेंट कम्पनी को 1 करोड़ 77 लाख रूपये भुगतान किया गया जिनकी सलाह पर 2 करोड़ 80 लाख रूपये के प्रमुख चौराहों पर मॉनिटर लगाये गये। इतनी बड़ी राशि केवल सलाहकारों पर खर्च की गई।
भ्रष्टाचार का गढ़ बना जबलपुर नगर-निगम, विकास के नाम पर करोड़ों की लूटमार, नहीं सुधरे शहर के हालात

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JABALPUR NEWS :  जबलपुर नगर-निगम में इन दिनों भ्रष्टाचार का जमकर बोलबाला है, नगर निगम की वित्तीय अनिमितताओं के खिलाफ कांग्रेस पार्षद दल ने मोर्चा खोल दिया है, कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाते हुए सबूतों के साथ नगर निगम में चल रहे भ्रष्टाचार का खुलासा किया है।

कांग्रेस पार्षद दल ने लगाए गंभीर आरोप 

जबलपुर में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद दल ने पत्रकार वार्ता करते हुए आरोप लगाए है कि नगर निगम जबलपुर भ्रष्टाचार का केन्द्र बन चुका है। निगम के हर विभाग में जमकर भ्रष्टाचार व्याप्त है। नगर निगम की वार्षिक टैक्स वसूली लगभग 200 करोड़ है।  जल विभाग ने 2023-24 में 92,66,64,220/- खर्च किये गये। कुंआ सफाई, लीकेज, बोरबेल सुधार, हैण्ड पम्प सुधार, जल शुद्धीकरण कार्य में लगभग 62 करोड़ रूपये खर्च किये हैं। केवल कुंआ सफाई में दो करोड़ चौतीस लाख रूपये खर्च किये गये। वर्ष 2024-25 में फरवरी 2025 तक 57 करोड़ 50 लाख रूपये खर्च हो चुके हैं।

एयर क्वालिटी इंडेक्स विशेषज्ञ फंड के नाम पर 1 करोड़ से ज्यादा खर्च

वहीं अगर ए. क्यू. आई. के फण्ड की बात की जाए तो विशेषज्ञों एवं सलाहाकारों की नियुक्ति पर 1 करोड़ 77 लाख रूपये लगभग खर्च किये हैं। वहीं स्वीपिंग मशीन की खरीद में 8 करोड़ 3 लाख रूपये लगभग खर्च किये गये, जबकि इन 10 मशीनों की कीमत 4 करोड़ से ज्यादा नहीं है। ए. क्यू. आई. के पैसों की जमकर होली खेली जा रही है। प्रमुख चौराहों पर फुहारा लगाने की बात की जा रही है जबकि हकीकत कुछ और है।

6 कन्सलटेंट कम्पनी को 1 करोड़ 77 लाख रूपये भुगतान

नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने आरोप लगाया है कि 6 कन्सलटेंट कम्पनी को 1 करोड़ 77 लाख रूपये भुगतान किया गया जिनकी सलाह पर 2 करोड़ 80 लाख रूपये के प्रमुख चौराहों पर मॉनिटर लगाये गये। इतनी बड़ी राशि केवल सलाहकारों पर खर्च की गई । वहीं साफ-सफाई हेतु 8 करोड़ 3 लाख रूपये की स्वीपिंग मशीन एवं अन्य मशीन खरीदी गई। 14 दिसम्बर 2024 में इन मशीन में से एक मशीन का लगभग 2 करोड़ 65 लाख रूपये का भुगतान किया गया। वहीं 15 दिन बाद 04 जनवरी 2025 को नगर निगम द्वारा एक पत्र जारी किया जाता है कि वह मशीन खराब हो गई है।

नहीं दी जाती जानकारी 

नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने आरोप लगाया है कि नगर निगम के हर विभाग में भ्रष्टाचार है। वहीं कांग्रेस पार्षद दल अगर कोई जानकारी मांगता है तो नगर निगम के अधिकारियों द्वारा नहीं उपलब्ध कराई जाती है। सचेतक अयोध्या तिवारी ने कहा है कि नगर निगम द्वारा आम जनता के मूलभूत कार्यों को छोड़कर केवल भ्रष्टाचार पर ध्यान केंद्रित है। छोटे ठेकेदार का भुगतान फण्ड की कमी बताकर रोका जाता है वहीं दूसरी ओर ए.क्यू.आई. और जल विभाग को करोड़ों रूपयों का भुगतान किया जा रहा है। पार्षद रितु राजेश यादव ने आरोप लगाया है कि 91 करोड़ रूपये जल विभाग को  भुगतान किया जाता है जिसमें पानी फिल्टर एवं अन्य सुधार कार्य हैं। वहीं आम जनता को गटर या फिर गोबर वाला पानी पिलाया जा रहा है। वहीं नगर निगम में सबइंजीनियर, इंजीनियर, कार्यपालन यंत्री सहित लंबी फौज होने के बाद भी करोड़ों रूपयों का भुगतान कन्सलटेंटों को किया जा रहा है। वहीं जबलपुर की भौगोलिक संरचना पहाड़, जंगल वाली है जिससे हमेशा से जबलपुर का ए.क्यू.आई. लेबल अच्छा रहा है। कांग्रेस पार्षद दल ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस पार्षद दल ई.ओ.डब्ल्यू. में शिकायत की जायेगी। वहीं जनता के बीच भी जनआंदोलन किया जायेगा।
Sushma Bhardwaj
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