जबलपुर। संदीप कुमार।
माढ़ोताल के आगासौद गांव में दिव्यांग युवक और उसकी 3 साल की बेटी की गला रेत कर हत्या करने वाले आरोपियो का 24 घंटे से ज्यादा का समय बीत जाने के बावजूद अभी तक सुराग नहीं लगा पाई है। पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश करने में जुटी है लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली हैं हालांकि एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने आरोपियों पर 10000 रु का इनाम जरूर घोषित किया है साथ ही सीएसपी रोहित काशवानी के नेतृत्व में माढ़ोताल थाना और क्राइम ब्रांच की एक टीम गठित की गई है जो कि आरोपियों को तलाश कर रही है। अभी तक की पुलिस की जांच में सामने आया है कि मृतक दिव्यांग सुशील गौड़ की घर पर ही एक छोटी सी किराने की दुकान थी और दुकान के गल्ले से हजारों रुपए का हिसाब किताब लिखी पर्ची पुलिस के हाथ लगी है। हिसाब में लिखा हुआ है कि किसको कितने रुपए दिए गए थे और किससे कितने रु लेने है। हिसाब किताब की पर्ची देख कर पुलिस को अंदेशा है कि मृतक दिव्यांग सुशील गौड़ चोरी-छिपे सट्टे का काम भी किया करता था। घटना वाली रात को मृतक दिव्यांग ने आगासौद गांव के सरपंच सनत सिंह को फोन भी लगाया था सरपंच उस समय बरगी से लौट रहे थे सुशील उनसे कुछ जरूरी बात करना चाह रहा था पर सरपंच के रास्ते में होने के चलते फोन कट गया और जब सुबह सरपंच गांव पहुंचे तो यह हादसा हो चुका था। पुलिस की जांच में एक बिंदु और सामने आया है कि मृतक सुशील गौड़ की हत्या अचानक नहीं बल्कि एक योजना बनाकर की गई है। हत्या करने वालों को यह पता था कि सुशील की 3 साल की बेटी बड़े भाई शंकर की चहेती है और ज्यादातर समय उसी के साथ रहती है ऐसे में आरोपियों ने यह अंदाजा लगाया होगा कि सुशील घर पर अकेला है लेकिन जब हत्यारे उसके पास पहुंचे तो बच्ची भी साथ में सोती हुई मिली लिहाजा दोनों की ही आरोपियों ने हत्या कर दी। फिलहाल आरोपियों को तलाश करने के लिए पुलिस की टीम जबलपुर सहित अन्य जिलों में भी घूम रही है।
जबलपुर डबल मर्डर: 24 घंटे में नही मिला कोई सुराग, आरोपियों पर 10 हजार का इनाम
Written by:Gaurav Sharma
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