जबलपुर में मंडला और डिंडौरी के ऊपरी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश का असर दिखाई दे रहा है। लगातार हुई बारिश की वजह से यहां का रानी अवंती बाई लोधी सागर यानी बरगी बांध तेजी से भर गया है। जलस्तर बढ़ने की वजह से मंगलवार को बांध के 21 में से 9 गेट खोल दिए गए हैं। दूसरी तरफ नर्मदा नदी में भी जलस्तर बढ़ गया है।
बरगी बांध के पांच गेट 1 मीटर तक और चार गेट आधा मीटर तक खोले गए हैं। अब तक 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है और आवक 1606 क्यूमेक है। नर्मदा नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए दुकानदारों ने अपनी दुकान है पीछे कर ली है। घाट पर मौजूद मंदिर डूब चुके हैं। और आने वाले श्रद्धालुओं से सावधान के साथ स्नान करने को कहा जा रहा है।
बढ़ा नर्मदा का जल स्तर
बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा के तटीय इलाकों में जलस्तर 3 से 4 फीट तक बढ़ गया है। ग्वारीघाट भेड़ाघाट और तिलवारा घाट के किनारो तक पानी पहुंच चुका है। ग्वारीघाट स्थित नर्मदा मंदिर का गुंबद पानी में डूब चुका है। जलस्तर बढ़ने की वजह से जो लोग घाट पर पूजा सामग्री की दुकान लगाते हैं उन्होंने अपनी दुकान पीछे कर ली है। वही पूजा करने वाले पंडित सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।
घाटों और निचले क्षेत्रों में अलर्ट
जलस्तर बढ़ने के बाद जबलपुर प्रशासन और बांध प्रबंधन की ओर से नर्मदा के सभी घाटों और निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम नाव से लगातार निगरानी कर रही है। आने वाले श्रद्धालुओं को नर्मदा तट से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और घाट पर बैठकर ही स्नान करने को कहा जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से नदी में नहाने से बचने की अपील की गई है।






