जबलपुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे की सिग्नल केबल चोरी होना मामूली चोरी नहीं थी। चोरों ने शायद इसे सिर्फ कुछ तार समझकर काटा था, लेकिन इस चोरी का सीधा असर ट्रेनों की आवाजाही पर पड़ा।
सिग्नल सिस्टम में खराबी आने के कारण कई ट्रेनें आगे बढ़ने के लिए इंतजार करती रहीं। रेलवे कर्मचारियों को जैसे ही केबल कटने की जानकारी मिली, मौके पर टीम पहुंची और सिग्नल व्यवस्था को ठीक करने का काम शुरू किया गया।
सिग्नल केबल कटने से कई ट्रेनें हुईं प्रभावित
जानकारी के मुताबिक, रविवार को जबलपुर रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनें रवाना होने के लिए खड़ी थीं। इनमें जबलपुर-रीवा एक्सप्रेस, LTT-राजगीर ट्रेन, निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस और लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस शामिल थीं।
इसी दौरान रेलवे कर्मचारियों को पता चला कि जबलपुर यार्ड में सिग्नल सिस्टम से जुड़ी केबल कटी हुई है और उसका कुछ हिस्सा गायब है। इसके कारण सिग्नल व्यवस्था प्रभावित हो गई थी। ट्रेनों को आगे बढ़ाने से पहले सिग्नल सिस्टम को दुरुस्त करना जरूरी था।
रेलवे की इंजीनियरिंग टीम तुरंत जबलपुर यार्ड में किमी नंबर 991/29 के पास स्थित लोकेशन बॉक्स तक पहुंची। जांच में पता चला कि बॉक्स में लगी सिग्नल केबल को काटा गया था। रेलवे कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए केबल को ठीक करने का काम शुरू किया। मरम्मत पूरी होने के बाद सिग्नल व्यवस्था बहाल हुई और ट्रेनों को आगे रवाना किया गया।
सोलर कैमरों ने खोला चोरी का राज
सिग्नल केबल चोरी की जानकारी मिलने के बाद RPF ने आसपास के इलाके में जांच शुरू की। इसी दौरान रेलवे स्टेशन के बाहर लगे 5 सोलर पावर स्टैंड-अलोन कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई। इन कैमरों की खासियत यह है कि इन्हें बिजली की सामान्य लाइन पर पूरी तरह निर्भर रहने की जरूरत नहीं होती। ये सोलर पावर से चलते हैं और जरूरत के हिसाब से अलग-अलग स्थानों पर लगाए या शिफ्ट किए जा सकते हैं।
कैमरों की रिकॉर्डिंग में दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। इसके बाद RPF ने उनकी पहचान और लोकेशन का पता लगाने का प्रयास शुरू किया। जांच के दौरान एक संदिग्ध की पहचान अंसारी, पिता मोहम्मद हुसैन, उम्र 37 वर्ष, निवासी गाजीनगर, गोहलपुर के रूप में हुई। RPF ने उसे गोहलपुर इलाके से गिरफ्तार किया। उसके पास से चोरी की गई रेलवे सिग्नल केबल भी बरामद की गई।
आरोपी ने पूछताछ में बताई चोरी की पूरी कहानी
RPF की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने भाई अकबर अंसारी और साथी जप्पू नाटी के साथ मिलकर रेलवे यार्ड में चोरी की थी। आरोपी के मुताबिक, सुबह करीब 7:30 बजे वह अपने साथियों के साथ रेलवे यार्ड में पानी की टंकी के पास पहुंचा था। वहां एक लोहे का बॉक्स लगा हुआ था। आरोपियों ने बॉक्स खोला और उसके अंदर लगी केबल को काट दिया।
केबल काटने के बाद आरोपी उसे लेकर वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान रेलवे कर्मचारी को अपनी तरफ आता देखकर आरोपी और उसके साथी घबरा गए और वहां से भाग गए। चोरी की गई केबल को उन्होंने रेलवे यार्ड के पास झाड़ियों में छिपा दिया।
इसके बाद आरोपी कुछ समय तक मौके से दूर रहा। बताया गया कि 18 अगस्त 2026 की रात वह झाड़ियों में छिपाकर रखी गई केबल को वहां से निकालकर ले जा रहा था। इसी दौरान RPF की टीम ने उसे पकड़ लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चोरी की केबल बरामद कर ली गई। मामले में उसके साथियों की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है।
रेलवे सिग्नल सिस्टम के लिए केबल क्यों जरूरी है?
रेलवे में सिग्नल सिस्टम ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बेहद जरूरी होता है। ट्रेन चालक को आगे बढ़ने या रुकने से जुड़ी जानकारी सिग्नल के जरिए मिलती है। इसके लिए रेलवे ट्रैक, सिग्नल और कंट्रोल सिस्टम के बीच कई तरह की तकनीकी व्यवस्था काम करती है।
ऐसे में सिग्नल से जुड़ी केबल को काट देना केवल सामान चोरी करने का मामला नहीं है। इससे रेलवे संचालन प्रभावित हो सकता है और ट्रेनों को रोकना पड़ सकता है। जबलपुर में भी यही हुआ। चोरों ने केबल काटकर उसे वहां से हटाया तो सिग्नल व्यवस्था में समस्या आ गई। इसके कारण ट्रेनों को आगे भेजने में परेशानी हुई।
वंदना झा की रिपोर्ट।






