उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली 23 वर्षीय दीक्षा पांडे की जबलपुर के बड़ेरिया प्राइम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। दीक्षा की शादी डेढ़ साल पहले छतरपुर निवासी अक्षय उर्फ सतीश मिश्रा से हुई थी। 30 सितंबर को गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर रखा था। घटना की सूचना मिलते ही मृतका के परिजन झांसी से जबलपुर पहुंचे और ससुराल वालों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया।
मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के डेढ़ साल बाद भी संतान न होने के कारण सास उमा, ननंद सोनम और पति अक्षय उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, 29 सितंबर को दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पाटन में पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान सास और ननंद ने उसका मुंह व गला दबाया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद ससुराल वाले चोरी-छिपे उसे इलाज के लिए जबलपुर ले आए और परिजनों को सूचना तक नहीं दी।
हथेली पर पेन से लिखा कोडवर्ड
अस्पताल पहुंचे भाई भूपेंद्र ने बताया कि वेंटिलेटर पर होने के कारण दीक्षा बोल नहीं पा रही थी, लेकिन उसने अपनी हथेली पर पेन से कोडवर्ड के रूप में ‘S’ (सोनम), ‘U’ (उमा) और ‘A’ (अक्षय) लिखा था। मृतका के गले पर चोट व रस्सी के निशान मिले हैं, जिससे गला घोंटे जाने की आशंका गहरा गई है। परिजनों का दावा है कि जब उन्होंने घटना के बाद सास और ननंद से सवाल किए, तो वे अपनी नजरें चुराती नजर आईं।
शव परिजनों के सुपुर्द
रविवार को तहसीलदार की मौजूदगी में नवविवाहिता के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया, जिसका अंतिम संस्कार सोमवार को झांसी में किया जाएगा। गोहलपुर थाना प्रभारी रीतेश पांडे ने बताया कि चूंकि मुख्य घटनास्थल दमोह जिले का हटा थाना क्षेत्र है, इसलिए पुलिस ने जीरो पर मर्ग कायम कर लिया है। मामले की केस डायरी आगे की वैधानिक कार्रवाई और निष्पक्ष जांच के लिए हटा थाने भेजी जा रही है।
वंदना झा की रिपोर्ट






