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जबलपुर पुलिस ने किया सुनील हत्याकांड का खुलासा

Written by:Amit Sengar
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जबलपुर पुलिस ने किया सुनील हत्याकांड का खुलासा

जबलपुर,संदीप कुमार। जबलपुर (jabalpur) की कुंडम थाना पुलिस ने सुनील हत्याकांड (sunil murder case) का खुलासा कर दिया है हत्या काले जादू के शक में हुई थी जहाँ 52 साल के अधेड़ को हत्यारो ने काले जादू के शक में डंडे-पत्थर से मारकर हत्या कर दी थी, हत्यारो ने हत्या के बाद मृतक के शव पेड़ पर फं दे में लटका दिया और भाग गए थे,12 अप्रैल 2022 को सुनील का शव खून से लथपथ पेड़ में झूलते देखा मिला था,आज 29 दिन बाद पुलिस को सुराग मिला कि आरोपी गांव के ही है, जिसके बाद करीब तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को दबोच लिया है जो लगातार पुलिस को चकमा देकर रिश्तेदारों के यहां छिपे हुए थे, इस दौरान ग्रामीणों का विरोध भी पुलिस को झेलना पड़ा पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है,कुंडम थाना प्रभारी प्रताप सिंह ने बताया कि निवास रोड पर ग्राम उचेहरा में खेरमाई मढिय़ा के पास एक व्यक्ति का शव लटका मिला था, विमला बाई बरकड़े ने मृतक की पहचान अपने पति सुनील बरकड़े के रूप में की,पुलिस की जाँच में पता चला कि झाड़-फूंक के संदेह में मृतक की हत्या की गई है,जहां शव बरामद हुआ है वहाँ धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होते हैं।

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ये है आरोपी
1. अनिल कुमार उलाड़ी पिता उत्तम सिंह उलाड़ी 28 साल
2. पतिराम बरकड़े, पिता स्व. दिविया बरकड़े उम्र 58 साल
3. स्वरुप सिंह कुशराम पिता तितरा सिंह कुशराम उम्र 30 साल
4. तितरा कुशराम पिता स्व. सुम्मत कुशराम उम्र 60 साल, सभी निवासी ग्राम उचेहरा

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आरोपियों ने बताया कि मृतक को काले जादू में महारथ हासिल था,वह किसी को भी अपने मंत्रों के प्रभाव से बाधा उत्पन्न कर सकता था इसी अंधविश्वास में आकर आरोपियों ने एकराय होकर पहले तो मृतक के साथ जमकर मारपीट की और फिर डंडे और पत्थरों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया,इतना ही नहीं जब आरोपियों का मन नहीं भरा तो उसे खेरमाई के पास लगे पेड़ से लटका दिया और फिर कुछ धार्मिक टोटके कर घर चले गए जिसके बाद पुलिस ने तफ्तीश कर आरोपियों को दबोच लिया।

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लेखक के बारे में
मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
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