जबलपुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार देर रात एक ऐसी घटना हुई, जिसने कुछ समय के लिए पूरे स्टेशन का माहौल बदल दिया। प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर एक लावारिस बैग पड़ा होने की सूचना मिली। जब स्टेशन पर मौजूद सफाईकर्मी ने बैग को काफी देर तक बिना किसी दावेदार के देखा, तो उसने तुरंत इसकी जानकारी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दी।
शुरुआत में मामला बेहद गंभीर नजर आया, क्योंकि रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान पर लावारिस हालत में बंदूक मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय था। हालांकि आरपीएफ ने बिना देर किए जांच शुरू की और कुछ ही समय में पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई। जांच में पता चला कि यह बैग एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करने वाले व्यक्ति का था, जो यात्रा के दौरान जल्दबाजी और नशे की हालत में अपना सामान प्लेटफॉर्म पर ही भूलकर चला गया था।
जबलपुर रेलवे स्टेशन पर लावारिस बंदूक मिलने से मची अफरा-तफरी
घटना गुरुवार रात करीब 11:10 बजे की है। रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार प्लेटफॉर्म नंबर 6 के मुख्य प्रवेश द्वार के पास एक नीले रंग का बैग काफी देर से लावारिस पड़ा हुआ था। स्टेशन पर काम कर रहे सफाईकर्मी बन्नो वंशकार की नजर जब इस बैग पर पड़ी और काफी समय तक कोई उसे लेने नहीं आया, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना आरपीएफ को दी।
सूचना मिलते ही पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के निर्देशन में आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा को देखते हुए किसी भी संदिग्ध वस्तु को हल्के में नहीं लिया जाता। इसलिए टीम ने तय प्रक्रिया का पालन करते हुए गवाहों की मौजूदगी में बैग की जांच शुरू की।

बैग खुलते ही उसमें 12 बोर की एक लाइसेंसी एकनाली बंदूक, 65 एमएम के दो जिंदा कारतूस, बंदूक की सफाई का सामान, एक की-पैड मोबाइल फोन, फास्टट्रैक कंपनी की घड़ी, कपड़े और अन्य निजी सामान मिला। इसके बाद मौके पर पंचनामा तैयार किया गया और बैग को सुरक्षित कब्जे में ले लिया गया।
आरपीएफ ने ऐसे खोज निकाला बैग का असली मालिक
बैग में मिले दस्तावेजों की जांच के दौरान आरपीएफ को एक आधार कार्ड और डायरी मिली। डायरी में दर्ज मोबाइल नंबर के आधार पर टीम ने संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया। सूचना मिलते ही बैग का मालिक देर रात रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट पहुंच गया।
पूछताछ में उसने अपना नाम भगत सिंह तोमर बताया। उन्होंने बताया कि वह मुरैना जिले के निवासी हैं और जबलपुर के बिलपठार क्षेत्र में स्थित एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह ग्वालियर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। इसी दौरान नशे की हालत और जल्दबाजी में वह अपना बैग प्लेटफॉर्म पर ही भूल गए और ट्रेन से रवाना हो गए।

जांच के बाद लौटाया गया सामान
रेलवे सुरक्षा बल ने केवल बैग मिलने की सूचना पर ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि उसमें रखी हर वस्तु का सावधानीपूर्वक सत्यापन भी किया। भगत सिंह तोमर द्वारा प्रस्तुत शस्त्र लाइसेंस की जांच की गई। संबंधित दस्तावेज वैध पाए जाने के बाद बैग में रखी बंदूक, कारतूस, मोबाइल फोन, घड़ी और अन्य सामान उन्हें नियमानुसार वापस सौंप दिया गया।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार बैग और उसमें मौजूद सभी सामान की कुल कीमत करीब 80 हजार रुपये के आसपास थी। सामान लौटाने से पहले आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और संबंधित रिकॉर्ड भी तैयार किया गया।
जबलपुर से वंदना झा की रिपोर्ट।






