जबलपुर: मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी रिंग रोड परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। रविवार देर रात जबलपुर के पास ललपुर क्षेत्र में नर्मदा नदी पर बन रहे पुल का एक पिलर अचानक ढह गया, जिससे मलबे के साथ तीन मजदूर करीब 100 फीट नीचे आ गिरे। इस दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
घायलों को जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। यह घटना उस वक्त हुई जब पिलर में कंक्रीट भरने का काम चल रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कंक्रीट का संतुलन बिगड़ने और एक तरफ भार अधिक हो जाने के कारण यह हादसा हुआ।
सुरक्षा में लापरवाही और नाबालिगों से काम कराने के आरोप
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने निर्माण कार्य में लगी कंपनी और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि साइट पर सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही थी। मजदूरों को हेलमेट या सेफ्टी बेल्ट जैसे जरूरी उपकरण नहीं दिए गए थे। इसके अलावा, स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में नाबालिग मजदूरों को भी लगाया गया था, हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
मृतक मजदूर की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी मुर्सलेम एस (35) के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में पश्चिम बंगाल के रसल एस (22) और छत्तीसगढ़ के राजेश्वर सिंह (21) शामिल हैं।
दिल्ली से विशेषज्ञ करेंगे जांच, NHAI पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृतलाल साहू ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि एक मजदूर की मौत हुई है और दो घायल हुए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए दिल्ली से विशेषज्ञों की एक टीम बुलाई जा सकती है। यह टीम पिलर के डिजाइन, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की गहन जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही हादसे के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। फिलहाल, मौके पर निर्माण कार्य को रोक दिया गया है।





