जबलपुर में एक परिवार की रातें अब चैन से नहीं कटतीं। हर आवाज, हर आहट उन्हें फिर किसी हमले का डर दिखा देती है। टेंट कारोबारी पूनम थदानी और उनका परिवार बीते कुछ दिनों से ऐसे खौफ में जी रहा है, जहां हर दिन एक नई वारदात सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार, जबलपुर के चुंगी चौकी क्षेत्र में बदमाशों ने कानून को खुली चुनौती देते हुए पहले आगजनी की, फिर बम से हमला किया। सबसे डराने वाली बात यह है कि ये पूरी घटनाएं CCTV कैमरों में कैद हो चुकी हैं, फिर भी परिवार को अब तक पूरी सुरक्षा का भरोसा नहीं मिल पाया है।
दो दिन में दो बमबाजी
यह मामला इसलिए गंभीर बन गया है क्योंकि हमले लगातार हो रहे हैं। बीते रविवार रात टेंट संचालिका पूनम थदानी की नाबालिग बेटी बमबाजी में गंभीर रूप से घायल हो गई। धमाके की आवाज से पूरा इलाका दहल गया। घायल बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। एक बच्ची का इस तरह घायल होना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की चिंता का विषय है। इसके बावजूद, अगले ही दिन सोमवार रात बाइक सवार बदमाशों ने फिर से घर के पास बम फेंक दिया। उस वक्त घर में पूनम के पति और बड़ी बेटी मौजूद थे।
CCTV फुटेज में कैद बदमाश
इस पूरे मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों बमबाजी की घटनाएं पास लगे CCTV कैमरों में साफ तौर पर कैद हुई हैं। फुटेज में बदमाश बाइक से आते, बम फेंकते और तेजी से भागते हुए नजर आ रहे हैं। जब सबूत सामने हों, तो कार्रवाई तेज होनी चाहिए। लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि CCTV होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
आगजनी से बमबाजी तक
आरोप है कि यह सब अचानक नहीं हो रहा। बदमाश उनके मकान और बगल में स्थित प्लॉट पर कब्जा करना चाहते हैं। इसी दबाव में पहले धमकियां दी गईं, फिर पथराव हुआ, उसके बाद टेंट हाउस में आग लगाई गई और अब बमबाजी तक बात पहुंच गई है। यह एक सुनियोजित साजिश लगती है, जिसमें परिवार को डराकर घर खाली कराने की कोशिश की जा रही है। पूनम का कहना है कि अब तक तीन बड़े हमले हो चुके हैं, लेकिन किसी आरोपी को जेल नहीं भेजा गया, जिससे डर और बढ़ गया है।
छात्राओं से छेड़छाड़ बना विवाद की शुरुआत
इस मामले की जड़ें नवंबर 2025 तक जाती हैं। पूनम थदानी के मुताबिक, 12 नवंबर 2025 को यश ठाकुर और उसके साथियों ने मोहल्ले की छात्राओं से छेड़छाड़ की थी। उन्होंने इसका विरोध किया और शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ही विवाद ने खतरनाक रूप लेना शुरू कर दिया। 20 नवंबर को बदमाशों ने उनके टेंट हाउस में तोड़फोड़ की, पेट्रोल डालकर आग लगा दी और करीब आधे घंटे तक उत्पात मचाया। इस दौरान घर के बाहर खड़ी कार को तोड़ा गया और एक ऑटो को भी जला दिया गया।
शिकायत वापस लेने का दबाव और जान से मारने की धमकी
पीड़ित परिवार का आरोप है कि सिर्फ बदमाश ही नहीं, बल्कि उनके परिजन भी शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे थे। उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। जब कोई परिवार कानून के सहारे खड़ा होना चाहता है और उसे इसी वजह से निशाना बनाया जाता है, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
20-25 लोगों के साथ हमला, महिलाओं ने ऐसे बचाई जान
पूनम ने बताया कि दो दिन पहले रविवार रात जीतू ठाकुर और यश ठाकुर करीब 20-25 साथियों के साथ आए। घर पर पथराव हुआ और बम फेंके गए। उस समय घर में सिर्फ महिलाएं थीं। जान बचाने के लिए महिलाओं ने ठंडा पानी फेंककर किसी तरह खुद को सुरक्षित किया। यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि अगर हालात थोड़े और बिगड़ जाते, तो क्या हो सकता था।





