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नामांतरण के लिए मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने हाउसिंग बोर्ड के क्लर्क को रंगे हाथ पकड़ा

Written by:Atul Saxena
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मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर लोकायुक्त पुलिस लगातार रिश्वतखोरों पर कड़ा एक्शन ले रहा है, इसी क्रम में जबल्प्पुर लोकायुक्त टीम ने फिर एक घूसखोर को पकड़ा है ।
नामांतरण के लिए मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने हाउसिंग बोर्ड के क्लर्क को रंगे हाथ पकड़ा

lokayukta police action

घूसखोरों पर सख्ती के बावजूद इनका बेख़ौफ़ रिश्वत लेना बंद नहीं हो रहा, जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने आज ऐसे ही रिश्वखोर को रंगे हाथ पकड़ा है, उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज आकर जाँच में लिया है।

जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश ​​​​​हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम अमन कोष्ठा है,कि सहायक ग्रेड 3 के पद पर पदस्थ है। लोकायुक्त टीम एन आरोपी से रिश्वत में ली गई राशि बरामद कर ली है।

जानकारी के मुताबिक जबलपुर की हाउसिंग कालोनी में रहने वाले हाकम साहू ने एक शिकायती आवेदन एसपी ऑफिस में दिया था जिसमें उसने हाउसिंग बोर्ड में पदस्थ क्लर्क अमन कोष्ठा पर 50 हजार की रिश्वत मांगने के आरोप लगाये, शिकायतकर्ता ने कहा कि उसने कालोनी में मकान ख़रीदा था जिसके नामांतरण के लिए अमन रिश्वत मांग रहा है।

नामांतरण करने के बदले मांगी रिश्वत   

शिकायतकर्ता हाकम ने लिखा कि क्लर्क अमन उसे काफी दिनों से मकान के नामांतरण करने को लेकर ना सिर्फ मानसिक रूप से परेशान कर रहा है, बल्कि रिश्वत भी मांग रहा है, उसने 50 हजार रुपए की मांग की थी, बाद में सौदा 10 हजार रुपए में तय हुआ।

हाऊसिंग बोर्ड कार्यालय में ली रिश्वत, क्लर्क गिरफ्तार 

शिकायत की जाँच के बाद लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर ट्रैप दल गठित किया गया और शुक्रवार को निर्धारित समय पर दोपहर में टीम ने हाकम साहू को रिश्वत की राशि 10000/- रुपये लेकर भेजा, उसने हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में अमन कोष्ठा को रिश्वत के रुपए दिए और इशारा मिलते ही लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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