जबलपुर समेत पूरे मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को अब हर महीने ज्यादा बिल चुकाना होगा। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों की बिजली दरों में औसतन 4.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह फैसला जनसुनवाई में आई आपत्तियों के आधार पर लिया गया, जबकि बिजली कंपनियों ने औसतन 10.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी मांगी थी।

बिजली कंपनियों ने आयोग को भेजे अपने प्रस्ताव में 6044 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया था। उन्होंने इस घाटे की भरपाई के लिए बिजली दरों में बड़ी वृद्धि का अनुरोध किया था। हालांकि, आयोग ने जनहित को ध्यान में रखते हुए उनकी मांग को कम किया।

कुछ वर्गों को राहत, एचटी उपभोक्ताओं के लिए नए नियम

आयोग ने कृषि कार्य से जुड़े उपभोक्ताओं, छोटे अस्थायी उपभोक्ताओं और मेट्रो रेल श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए पुराने प्रावधानों को ही जारी रखने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि इन वर्गों पर बिजली दरों में बढ़ोतरी का कोई अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा।

वहीं, उच्च दाब (एचटी) और अति उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब केडब्ल्यूएच आधारित बिलिंग लागू रहेगी और अधिकतम मांग (एमडी) से संबंधित नियमों में भी कुछ संशोधन किए गए हैं। इसके अलावा, आयोग ने विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए चल रही छूट और प्रोत्साहन योजनाओं को भी आगे जारी रखने का निर्णय लिया है।

कितनी बढ़ेगी आपकी बिजली की कीमत

  • 100 यूनिट खपत पर: 31 रुपये की बढ़ोतरी
  • 200 यूनिट खपत पर: 80 रुपये की बढ़ोतरी
  • 200 यूनिट खपत पर: 118 रुपये की बढ़ोतरी