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MP के प्राइवेट स्कूलों को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने मान्यता के लिए रजिस्टर्ड किरायानामा देने की शर्त पर रोक लगाई, सरकार को नोटिस

Written by:Atul Saxena
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याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने मान्यता के लिए रजिस्टर्ड किरायानामा देने की शर्त पर रोक लगा दी है और सरकार से मामले पर जवाब मांगा है।
MP के प्राइवेट स्कूलों को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने मान्यता के लिए रजिस्टर्ड किरायानामा देने की शर्त पर रोक लगाई, सरकार को नोटिस

MP High Court News : मध्य प्रदेश के निजी स्कूलों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। निजी स्कूलों की याचिका पर सुनवाई करते हुए जबलपुर हाई कोर्ट ने मान्यता के लिए रजिस्टर्ड किरायानामा देने की शर्त पर अंतरिम रोक लगा दी है।

हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। निजी स्कूलों की याचिका में कहा गया था कि नए शैक्षणिक सत्र के लिए स्कूलों को मान्यता रिन्यू करवानी है, लेकिन राज्य सरकार ने इसके लिए स्कूल बिल्डिंग का रजिस्टर्ड किरायानामा भी जमा करवाने की शर्त लगा दी है।

चिंता , नई शर्त से हज़ारों स्कूल बंद होने की कगार पर 

याचिका में यह भी कहा गया कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम में ऐसी कोई शर्त नहीं थी लेकिन राज्य सरकार की नई शर्त से हज़ारों स्कूल बंद होने की कगार पर आ गए हैं। ऐसा इसीलिए है क्योंकि किराए की जमीन पर चल रहे कई स्कूल कृषि भूमि या अवैध कॉलोनियों में भी स्थित हैं जिनके मकान मालिक उन्हें रजिस्टर्ड किरायानामा नहीं दे रहे।

शिक्षकों का रोज़गार जाने, हज़ारों बच्चों का भविष्य प्रभावित होने की खतरा 

याचिका में बताया गया था कि अगर इस शर्त से बड़ी संख्या में स्कूल बंद होते हैं तो उनमें काम कर रहे शिक्षकों का रोज़गार तो जाएगा ही लेकिन साथ ही हज़ारों बच्चों का भविष्य भी प्रभावित होगा।

 जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

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Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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