जबलपुर: मध्य प्रदेश के चर्चित सोम डिस्टिलरीज लाइसेंस रद्द मामले में सोमवार को हाई कोर्ट में एक अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिला। जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जज जस्टिस विशाल मिश्रा ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। उनके इस फैसले के बाद अब इस केस को किसी दूसरी बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है।
सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड ने अपने लाइसेंस को रद्द करने के सरकारी आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इसी याचिका पर सोमवार को जस्टिस मिश्रा की बेंच में सुनवाई होनी थी। लेकिन सुनवाई शुरू होते ही उन्होंने इस प्रकरण से खुद को पृथक करने का फैसला सुनाया। हालांकि, अदालत के आदेश में इस अलगाव का कोई विशेष कारण दर्ज नहीं किया गया है।
अब नई बेंच के सामने होगी सुनवाई
जस्टिस मिश्रा के हटने के बाद अब हाई कोर्ट की रजिस्ट्री इस मामले को चीफ जस्टिस के निर्देशानुसार एक नई बेंच को सौंपेगी। इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है, जिसके बाद ही मामले पर अगली सुनवाई की तारीख तय होगी। नई बेंच अब राज्य सरकार और सोम डिस्टिलरीज, दोनों पक्षों की दलीलों को नए सिरे से सुनेगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी तरह के संभावित हित-संघर्ष की आशंका से बचने या निष्पक्षता पर सवाल न उठे, इसके लिए न्यायाधीशों द्वारा खुद को मामलों से अलग करना एक स्थापित न्यायिक प्रक्रिया है।







