एमपी में अब सामने आया “टॉयलेट एक घोटाला”, विभाग ने दिए जांच के आदेश

एमपी में अब सामने आया “टॉयलेट एक घोटाला”, विभाग ने दिए जांच के आदेश

जबलपुर।वाजिद खान।
जबलपुर स्मार्ट सिटी और नगर निगम के यूं तो कई प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में हैं लेकिन यहां पब्लिक टॉयलेट बनाने के नाम पर भी घोटाला कर दिया गया…. साल 2018 और 19 में जबलपुर स्मार्ट सिटी और नगर निगम की ओर से स्वच्छता अभियान के नाम पर बड़े पैमाने पर टॉयलेट बनवाए गए जिनमें भ्रष्टाचार की जांच शुरु कर दी गई है… आरोप है कि उज्जैन में हुए सिंहस्थ कुंभ के बाद बचे पुराने टॉयलेट्स को अधिकारियों की मिली भगत से नया बता दिया गया और फिर बाज़ार से कई गुना दाम पर उनकी खरीदी कर उन्हें जबलपुर में लगा दिया गया… अब जब ऐसे ज्यादातर टॉयलेट्स खराब हो गए हैं तो कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना की मांग पर नगरीय प्रशासन विभाग मामले की जांच करवा रहा है… विधायक विनय सक्सेना ने बीते दिनों विधानसभा में टॉयलेट घोटाले का मुद्दा उठाया था जिस पर नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने लिखित जवाब देते हुए मामले में जांच और कार्यवाई की बात की है… जबलपुर उत्तर से कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने दावा किया है कि जांच पूरी होने के बाद इस घोटाले का दायरा बेहद बड़ा सामने आएगा…. वहीं जबलपुर के प्रभारी मंत्री प्रियव्रत सिंह ने भी नगरीय प्रशासन मंत्रालय द्वारा मामले की जांच करवाए जाने की बात की है…. बता दें कि जबलपुर में स्वच्छता अभियान के तहत शहरी आवासों में 41 हज़ार जबकि 204 पब्लिक टॉयलेट्स और बायो टॉयलेट्स सहित 300 से ज्यादा यूरेनल्स स्थापित करवाए गए थे लेकिन आरोप है कि बाज़ार में इनके दाम 10 हज़ार से 40 हज़ार रुपए थे लेकिन स्मार्ट सिटी और नगर निगम की ओर से इनके लिए प्रतिनग 2 लाख 85 हज़ार रुपयों तक का भुगतान किया गया… ख़ासकर ऐसे पब्लिक टॉयलेट्स अब कहीं खराब होने या पानी और पाईप लाईन ना होने से इस्तेमाल करने लायक भी नहीं बचे….

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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