Hindi News

वसुंधरा राजे सिंधिया का फर्जी पत्र वायरल मामला, कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ता हिरासत में, एमपी हाई कोर्ट में आज सुनवाई

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Atul Saxena
Published:
राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया के फर्जी पत्र वायरल मामले में भोपाल पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कांग्रेस आईटी सेल के 3 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के मामले में हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई है और तीनों को तलाशकर कोर्ट में पेश करने की मांग की गई है।
वसुंधरा राजे सिंधिया का फर्जी पत्र वायरल मामला, कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ता हिरासत में, एमपी हाई कोर्ट में आज सुनवाई

Jabalpur High Court1

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का फर्जी पत्र वायरल मामले में हिरासत में लिए गए एमपी कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं के परिजन हाई कोर्ट पहुंच गए हैं, उन्होंने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाते हुए पुलिस की कार्रवाई को अवैध बताया है, मामले में आज हाईकोर्ट की डबल बेंच सुनवाई करेगी।

वसुंधरा राजे सिंधिया वायरल पत्र मामले में भोपाल पुलिस ने पिछले दिनों मध्य प्रदेश कांग्रेस की आईटी सेल के तीन कार्यकर्ता निखिल, बिलाल और इनाम को हिरासत में लेकर बंद कर दिया था, घटना के बाव कांग्रेस ने इसका विरोध जताया, अब मामला अदालत पहुंच गया है, वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने पुलिस की कार्रवाई को गैर क़ानूनी बताया है।

फेक बताकर बाद में हटा ली गई पोस्ट  

उन्होंने तर्क दिया कि वसुंधरा राजे सिंधिया का एक पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुआ था उनके इस पत्र और ट्वीट को 15-16 अप्रैल के बीच लाखों लोगों ने देखा और शेयर किया ये पब्लिक डोमेन में है इसे एमपी कांग्रेस की आईटी सेल ने भी शेयर किया लेकिन बाद में  इस पत्र को फेक बताकर सोशल मीडिया से हटा लिया गया लेकिन मध्य प्रदेश पुलिस ने हमारे तीन कार्यकर्ताओं को बे वजह हिरासत में ले लिया और उन्हें अवैध निरोध में रखे हुए हैं, जो गलत है।

आज हाई कोर्ट की बदल बेंच करेगी सुनवाई 

पुलिस के एक्शन के खिलाफ कार्यकर्ताओं के परिजनों ने एमपी हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है इस मामले में आज मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच सुनवाई करेगी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews