राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का फर्जी पत्र वायरल मामले में हिरासत में लिए गए एमपी कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं के परिजन हाई कोर्ट पहुंच गए हैं, उन्होंने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाते हुए पुलिस की कार्रवाई को अवैध बताया है, मामले में आज हाईकोर्ट की डबल बेंच सुनवाई करेगी।
वसुंधरा राजे सिंधिया वायरल पत्र मामले में भोपाल पुलिस ने पिछले दिनों मध्य प्रदेश कांग्रेस की आईटी सेल के तीन कार्यकर्ता निखिल, बिलाल और इनाम को हिरासत में लेकर बंद कर दिया था, घटना के बाव कांग्रेस ने इसका विरोध जताया, अब मामला अदालत पहुंच गया है, वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने पुलिस की कार्रवाई को गैर क़ानूनी बताया है।
फेक बताकर बाद में हटा ली गई पोस्ट
उन्होंने तर्क दिया कि वसुंधरा राजे सिंधिया का एक पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुआ था उनके इस पत्र और ट्वीट को 15-16 अप्रैल के बीच लाखों लोगों ने देखा और शेयर किया ये पब्लिक डोमेन में है इसे एमपी कांग्रेस की आईटी सेल ने भी शेयर किया लेकिन बाद में इस पत्र को फेक बताकर सोशल मीडिया से हटा लिया गया लेकिन मध्य प्रदेश पुलिस ने हमारे तीन कार्यकर्ताओं को बे वजह हिरासत में ले लिया और उन्हें अवैध निरोध में रखे हुए हैं, जो गलत है।
आज हाई कोर्ट की बदल बेंच करेगी सुनवाई
पुलिस के एक्शन के खिलाफ कार्यकर्ताओं के परिजनों ने एमपी हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है इस मामले में आज मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच सुनवाई करेगी।





