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उत्तराखंड हाई कोर्ट में जूनियर असिस्टेंट समेत कई पदों पर निकली भर्ती, जानें आयु-पात्रता और जरूरी डिटेल्स

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उत्तराखंड हाई कोर्ट में जूनियर असिस्टेंट समेत कई पदों पर निकली भर्ती, जानें आयु-पात्रता और जरूरी डिटेल्स

NTA UHC Recruitment 2024: सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए महत्त्वपूर्ण जानकारी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तरफ से उत्तराखंड हाई कोर्ट में जूनियर असिस्टेंट और स्टेनोग्राफर के विभिन्न पदों पर आवेदन के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 25 जनवरी 2024 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट uhcrec.ntaonline.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

महत्त्वपूर्ण तारीखें

उत्तराखंड हाई कोर्ट में स्टेनोग्राफ और जूनियर असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 22 फरवरी 2024 निर्धारित की गई है। साथ ही आवेदन शुल्क भुगतान करने की अंतिम तारीख 23 फरवरी निर्धारित है। वहीं जारी नोटिफिकेशन के आधार पर परीक्षा का आयोजन 17 मार्च 2024 को होगा।

कुल पद- 139

शैक्षणिक योग्यता

हाई कोर्ट में स्टेनोग्राफर और जूनियर असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करने से पहले एक बार आधिकारिक नोटिफिकेशन को जरूर चेक कर लें।

आयु-पात्रता

उत्तराखंड हाई कोर्ट में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 साल और अधिकतम आयु 35 साल निर्धारित है।

आवेदन शुल्क

NTA द्वारा उत्तराखंड हाई कोर्ट में विभिन्न पदों पर आवेदन करने वाले अनारक्षित और पिछड़ा श्रेणी के उम्मीदवारों को 1000 रुपए आवेदन शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा। जबकि ईडब्ल्यूएस, एससी और एसटी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 500 रुपए आवेदन शुल्क निर्धारित की गई है।

Shashank Baranwal
लेखक के बारे में
पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ। View all posts by Shashank Baranwal
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