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“शिक्षा ही विकसित भारत का सबसे बड़ा आधार..” शिवालिक कॉलेज की विचार गोष्ठी में बोले मुख्यमंत्री धामी, जानें और क्या कहा

Written by:Gaurav Sharma
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सीएम धामी ने कहा, विकसित भारत 2047 के निर्माण की आधारशिला उच्च शिक्षा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में शिक्षा, नवाचार व कौशल विकास में अभूतपूर्व परिवर्तन आए हैं।
“शिक्षा ही विकसित भारत का सबसे बड़ा आधार..” शिवालिक कॉलेज की विचार गोष्ठी में बोले मुख्यमंत्री धामी, जानें और क्या कहा

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में उच्च शिक्षा की महत्ता को रेखांकित करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में शनिवार को आयोजित ‘विकसित भारत 2047 के निर्माण में उच्च शिक्षा का महत्त्व’ विषय पर विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उच्च शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान अर्जन का माध्यम न मानते हुए, इसे विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की एक अटूट आधारशिला के रूप में परिभाषित किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य के भारत का स्वरूप तय करने में उच्च शिक्षा की भूमिका केंद्रीय होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में देश ने शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्रों में अभूतपूर्व परिवर्तन देखे हैं। ये परिवर्तन भारत को वर्ष 2047 तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में एक ऐसी शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र का विकास हुआ है, जो युवाओं को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सशक्त बना रहा है।

नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास पर विशेष जोर

राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 को भारतीय शिक्षा प्रणाली के प्राचीन गौरव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री ने इसके व्यापक प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित कर रही है, साथ ही नवाचार, अनुसंधान एवं व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस मंच प्रदान कर रही है। यह भावी पीढ़ियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर, उन्हें भविष्य की जटिल चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है। सीएम धामी ने जोर देते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को केवल शिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्रों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, जहां नए विचारों को पोषित किया जा सके और समस्याओं का समाधान खोजा जा सके।

भारत आज विश्व का प्रमुख स्टार्टअप हब बनकर उभरा: सीएम धामी

सीएम धामी ने यह भी जिक्र किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश आज विश्व का एक प्रमुख स्टार्टअप हब बनकर उभरा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश की विकास यात्रा को एक नई और तीव्र गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि आज भारत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अपनी एक सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। यह देश की बढ़ती क्षमताओं और विश्व पटल पर उसके बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है।

देवभूमि उत्तराखंड को शिक्षा, ज्ञान और अध्यात्म की एक समृद्ध परंपरा का चिरस्थायी केंद्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल लर्निंग और भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस दिशा में, राज्य में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, और ऑनलाइन शिक्षण सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और डेटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों को शिक्षा प्रणाली में बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि छात्र भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के लिए तैयार हो सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दून विश्वविद्यालय में हाल ही में स्थापित सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन और अनुसंधान को एक नई और महत्वपूर्ण दिशा प्रदान करेगा, जिससे हमारी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को और अधिक गहराई से समझा जा सकेगा। यह केंद्र न केवल शैक्षणिक बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक बनेगा।

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