Hindi News

बदल गई SBI PO प्रारंभिक परीक्षा की तारीख, नया शेड्यूल जारी, 600 पदों पर होगी भर्ती, जानें कब होगा एग्जाम?

Published:
एसबीआई पीओ प्रारंभिक परीक्षा की नई डेट जारी हो चुकी है। एग्जाम 8 मार्च से शुरू होगा। परीक्षा 100 अंकों की होगी। आइए जानें एडमिट कार्ड कब तक जारी होगा?
बदल गई SBI PO प्रारंभिक परीक्षा की तारीख, नया शेड्यूल जारी, 600 पदों पर होगी भर्ती, जानें कब होगा एग्जाम?

स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने एसबीआई पीओ प्रारंभिक परीक्षा की तारीखों में बदलाव किया है। नई संभावित तिथि घोषित हो चुकी है। ऑफिशियल वेबसाइट sbi.co.in पर संशोधित शेड्यूल भी उपलब्ध हो चुका है। एडमिट कार्ड और फाइनल एग्जाम डेट को लेकर एसबीआई जल्द ही नोटिस जारी करेगा।

आधिकारिक नोटिस के मुताबिक अब एसबीआई पीओ प्रीलिम्स परीक्षा 8 मार्च, 16 मार्च और 24 मार्च को देशभर के विभिन्न शहरों में आयोजित की जाएगी। एग्जाम ऑनलाइन मोड में होंगे। इससे पहले परीक्षा  8 मार्च 15 मार्च को होने वाली थी।

कुल 600 पदों पर होगी भर्ती

इस बार एसबीआई में 600  प्रोबेशनरी ऑफिसर के पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवारों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू/जीडी राउंड के आधार पर होगा। प्रारंभिक परीक्षा में चयनित उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में शामिल हो पाएंगे। भर्ती अभियान के लिए आवेदन प्रक्रिया 26 दिसंबर से लेकर 19 जनवरी 2025 तक जारी थी। 15 फरवरी को पीईटी के लिए  एडमिट कार्ड जारी हुए थे। प्रारंभिक परीक्षा का एडमिट कार्ड फरवरी के अंतिम सप्ताह में जारी हो सकता है। मुख्य परीक्षा अप्रैल/मई में आयोजित होने की संभावना है।

एसबीआई पीओ प्रीलिम्स एग्जाम पैटर्न

एसबीआई पीओ प्रारंभिक परीक्षा की अवधि 1 घंटे होती है। इसमें कुल 100 प्रश्न पूछे जाते हैं। अधिकतम अंक 100 होते हैं। प्रश्न पत्र 3 सेक्शन में बंटा होता है, इसमें इंग्लिश लैंग्वेज, न्यूमेरिकल एबिलिटी और रीजनिंग एबिलिटी शामिल है। इंग्लिश लैंग्वेज के 40 प्रश्न पूछ जाते हैं। न्यूमेरिकल एबिलिटी और रीजनिंग एबिलिटी के 30-30 प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक सही उत्तर पर एक अंक मिलता है। वहीं गलत उत्तर पर 1/4 अंक की कटौती होती है।

notice for PE Dates
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews