पब्लिक सेक्टर के यूको बैंक में अप्रेंटिस पदों पर भर्ती (UCO Bank Recruitment)  निकाली है। जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया 14 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है। संबंधित नोटिफिकेशन 13 अक्टूबर को ही जारी कर दिया गया था। योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट http://www.uco.bank.in/ पर जाकर 29 अक्टूबर तक आवेदन और शुल्क भुगतान कर सकते हैं। परीक्षा का आयोजन ऑनलाइन मोड में 7 नवंबर 2026 को किया जाएगा।

पात्रता, चयन प्रक्रिया और अन्य जानकारी के लिए उम्मीदवारों को नोटिफिकेशन पढ़ने की सलाह दी जाती है। जरनल, EWS और ओबीसी पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 800 रुपये+जीएसटी है। वहीं जनरल/ओबीसी (महिला और ट्रांसजेंडर) के लिए आवेदन शुल्क 600 रुपये+जीएसटी है। एससी/ एसटी और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए एप्लीकेशन फीस 200 रुपये+जीएसटी है।

रिक्त पदों की संख्या कुल 530 है। वैकेंसी को अलग-अलग कैटेगरी और जॉन में विभाजित किया गया है। जनरल के लिए 205, ईडब्ल्यूएस  के लिए 23, ओबीसी एनसीएल के लिए 147, एसटी के लिए 49 और एससी के लिए 106 पद खाली हैं।

योग्यता और आयु सीमा 

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। ऐसे उम्मीदवार जिन्होंने पहले ही यूको बैंक या किसी अन्य संस्थान के साथ अप्रेंटिसशिप पूरी कर ली है या कर रहे हैं, उन्हें आवेदन किया अनुमति नहीं है। ऐसे उम्मीदवार जिनके पास एक वर्ष का ट्रेनिंग या जॉब का अनुभव है, वे भी आवेदन नहीं कर सकते। ध्यान रखें कि  जिस राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के लिए आवेदन कर रहे हैं ,वहां के लोकल लैंग्वेज में प्रोफिशिएंसी होना भी अनिवार्य है। निर्धारित आयु सीमा न्यूनतम 20 वर्ष और अधिकतम 28 वर्ष है। आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया और वेतन 

चयन प्रक्रिया में चार चरण शामिल होंगे पहले चरण में ऑब्जेक्टिव टेस्ट का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा कुल 100  अंकों की होगी। कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। जनरल/फाइनेंशियल अवेयरनेस, जनरल इंग्लिश, रीजनिंग एबिलिटी एंड कंप्यूटर एप्टीट्यूड और क्वांटिटी एप्टिट्यूड से संबंधित 25-25 प्रश्न पूछे जाएंगे। नियुक्ति के बाद उम्मीदवारों को हर महीने 16,650 मंथली स्टाइपेंड दिया जाएगा। जिसमें से 10,500 रुपये यूको बैंक का योगदान होगा। वहीं 6150 रुपये DBT के जरिए  सरकार का कॉन्ट्रिब्यूशन होगा।