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जमीन का सीमांकन करने पटवारी ने मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा, मामला दर्ज

Written by:Atul Saxena
Published:
लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने पटवारी स्वयं प्रकाश मेहरा को 5000/- रुपये की रिश्वत लेते हुए उसके किराए के प्राइवेट कार्यालय बोहरीबंद रोड तहसील स्लिमनाबाद जिला कटनी में रंगे हाथ पकड़ लिया।

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने जीरो टोलरंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद लोकायुक्त सहित अन्य एजेंसियां घूसखोरों पर पीने नजर बनाये हुए हैं और लगातार रंगे हाथ पकड़ रहीं हैं, इसी क्रम में आज लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने एक पटवारी को रिश्वत लेते पकड़ा है।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम कौड़ियां तहसील स्लिमाबाद जिला कटनी के रहने वाले किसान शिवकुमार जायसवाल ने एक शिकायती आवेदन कार्यालय में दिया था जिसमें उसने तहसील में पदस्थ पटवारी स्वयं प्रकाश मेहरा पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

सीमांकन के बदले मांगी 5000/- रुपये रिश्वत 

शिकायतकर्ता किसान ने आवेदन में लिखा कि उसने अपनी पत्नी देववती के नाम से 1.80 एकड़ जमीन खरीदी थी जिसके सीमांकन के लिए तहसील में आवेदन दिया था, लेकिन यहाँ पदस्थ हल्का पटवारी स्वयं प्रकाश मेहरा सीमांकन नहीं कर रहा और इसक एबदले 5000/- रुपये रिश्वत मांग रहा है।

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने आवेदक के आरोपों की सच्चाई जानने के लिए सत्य्पन कराया और एक टेप रिकॉर्डर देकर आवेदक से पटवारी से बात करने के लिए कहा, दोनों ने जब बात की पटवारी ने स्पष्ट कहा कि बिना 5000/- रुपये लिएय वो सीमांकन नहीं करेगा।

किसान से रिश्वत ली, लोकायुक्त ने दबोचा पटवारी 

रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण मिलने के बाद जबलपुर लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर एक ट्रैप दल गठित किया गया और फिर ट्रैप दल कटनी रवाना हुआ, टीम ने आवेदक शिवकुमार जायसवाल को 5000/- रुपये लेकर पटवारी स्वयं प्रकाश मेहरा द्वारा  बताये गए उसके प्राइवेट कार्यालय भेजा और जैसे ही पैसे पटवारी के हाथ में पहुंचे तीन में छापा मरकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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