खंडवा में अनंत चतुर्दशी पर गणेश झांकियों का जुलूस शनिवार सुबह तक चलता रहा। शहर में कुल 10 भव्य झांकियां निकाली गईं, जिन्हें देखने के लिए रातभर सड़कों पर लोगों का सैलाब उमड़ा रहा। प्रशासन ने झांकियों को रात 11 बजे तक खत्म करने का निर्देश दिया था, लेकिन पहली ही झांकी तय समय के बाद रवाना हुई। इसके चलते टपालचाल की आखिरी झांकी शनिवार सुबह करीब 7 बजे समाप्त हो सकी और पूरा समारोह तय वक्त से 8 घंटे देरी से खत्म हुआ।
शनि मंदिर से शुरू हुआ कारवां
समारोह की शुरुआत शनि मंदिर की पहली झांकी से हुई, जो तय समय बीत जाने के बाद रात 11 बजे रवाना होकर 12 बजे कहारवाड़ी पहुंची। इसके बाद एक-एक कर बाकी झांकियां आगे बढ़ती रहीं। सुबह करीब सात बजे जब आखिरी झांकी कहारवाड़ी पहुंची, तब जाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। झांकियों का सिलसिला खत्म होते ही सड़कों पर मुस्तैद पुलिस बल को धीरे-धीरे वापस हटाया गया और तब जाकर शहर का यातायात पूरी तरह सामान्य हो सका।
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अखाड़े में उतरे एडिशनल SP
इस बार के चल समारोह में एक बेहद अनोखा और उत्साह भरने वाला नजारा भी देखने को मिला। आखिरी झांकी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने पहुंचे एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर खुद अखाड़े में उतर गए। उन्होंने हाथों में लाठी थामकर लट्ठबाजी के ऐसे शानदार करतब दिखाए कि वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को अखाड़े में इस तरह हुनर दिखाते देख युवाओं और आम जनता में खासा उत्साह भर गया और पूरा माहौल तालियों से गूंज उठा।
40 किमी दायरे में बंद रही शराब
आयोजन के दौरान उपद्रव रोकने के लिए प्रशासन ने शुक्रवार सुबह 7 बजे से शहर समेत 40 किलोमीटर के दायरे में शराब की सभी दुकानें बंद रखीं, जिससे माहौल पूरी तरह शांत रहा। हालांकि, प्रशासन के कड़े दावों के बावजूद डीजे पर लगी पाबंदी पूरी तरह बेअसर साबित हुई। एक-एक जुलूस में दो से तीन डीजे पूरी तेज आवाज में रातभर बजते रहे। वहीं विसर्जन में हुई देरी के कारण तड़के 3 बजे तक बांबे बाजार में प्रतिमाएं खड़ी रहीं, जिन्हें बाद में भैरव तालाब भेजा गया।