कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को सोयाबीन की भारी आवक के बीच किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। एक ही दिन में सोयाबीन से भरे करीब 1800 वाहन मंडी में पहुंच गए जिसे देखकर व्यापारियों ने अचानक फसलों के दाम गिरा दिए। सुबह करीब 11 बजे जैसे ही खरीदी शुरू हुई और किसानों को कम भाव मिलने का पता चला तो वे आक्रोशित हो उठे। किसानों ने मंडी में तुरंत नीलामी की प्रक्रिया रुकवा दी और हंगामा करना शुरू कर दिया।

एक ही दिन में भाव कम करने पर भड़के किसान

विरोध जता रहे किसानों का कहना कि गुरुवार को मंडी में सोयाबीन का भाव 7 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहा था। लेकिन शुक्रवार को अचानक व्यापारियों ने भाव गिराकर 6200 रुपए के आसपास कर दिए। किसानों का आरोप था कि सिर्फ आवक ज्यादा होने का फायदा उठाकर व्यापारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और उन्हें उनकी मेहनत का वाजिब दाम नहीं दे रहे हैं।

अधिकारियों की समझाइश के बाद 500 रुपए तक बढ़े दाम

दरअसल, जब मंडी कर्मचारियों ने व्यापारियों से बात की और किसानों की नाराजगी की वजह बताई तब जाकर व्यापारी भाव बढ़ाने पर राजी हुए। सहमति बनने के बाद व्यापारियों ने सोयाबीन के दामों में 300 से 500 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी कर दी।

शाम तक 1500 से ज्यादा किसानों की हुई खरीदी

भाव में सुधार होने के बाद शुक्रवार को मंडी में सोयाबीन के दाम 6200 से लेकर 6777 रुपए प्रति क्विंटल तक दर्ज किए गए। मंडी में कुल 2290 किसान करीब 1800 गाड़ियों में अपनी फसल लेकर पहुंचे थे। मंडी प्रशासन के मुताबिक लगातार चली नीलामी के बाद शाम 5 बजे तक करीब 1553 किसानों की उपज खरीदी जा चुकी थी, जबकि बाकी बचे किसानों की ट्रॉली खाली कराने का काम देर तक चलता रहा।

आवक बढ़ने से मंडी में लगा रहा गाड़ियों का जाम

एक ही दिन में इतनी बड़ी तादाद में गाड़ियां आ जाने से मंडी परिसर और आसपास के रास्तों पर दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रही। दूर-दराज के गांवों से आए किसानों को अपनी बारी का घंटों इंतजार करना पड़ा।