ओंकारेश्वर: प्रसिद्ध तीर्थनगरी और द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर में अब बाबा भोलेनाथ के दर्शन के साथ-साथ महादान का अवसर भी मिलेगा। खंडवा जिला प्रशासन ने एक क्रांतिकारी पहल करते हुए रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं को मुफ्त VIP दर्शन कराने का निर्णय लिया है। मंगलवार से शुरू हुई इस व्यवस्था का उद्देश्य आस्था को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना और रक्त की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
इस नई योजना के तहत, कोई भी श्रद्धालु जो मंदिर परिसर के पास स्थापित काउंटर पर रक्तदान करेगा, उसे तत्काल वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा, जिससे उसे लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि जरूरतमंदों को समय पर रक्त भी उपलब्ध हो सकेगा।
क्यों पड़ी इस पहल की जरूरत?
खंडवा जिला और आसपास के क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्गों से घिरे हुए हैं, जहाँ आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इन हादसों में घायल लोगों के इलाज के लिए बड़ी मात्रा में रक्त की आवश्यकता होती है। कई बार ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालु भी इन दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस साल रक्त की मांग में काफी वृद्धि हुई है। इसी कमी को दूर करने और आपातकालीन स्थितियों के लिए ब्लड बैंक को तैयार रखने हेतु यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन की तैयारी और कलेक्टर का बयान
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के नजदीक ही जिला अस्पताल की ओर से एक विशेष ब्लड डोनेशन काउंटर बनाया गया है। यहां स्वास्थ्य विभाग की एक विशेषज्ञ टीम मौजूद रहती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पूरी प्रक्रिया चिकित्सकीय मानकों के अनुसार सुरक्षित तरीके से संपन्न हो।
“रक्तदान महादान है। रक्त की एक यूनिट किसी की जिंदगी बचा सकती है। ओंकारेश्वर जैसे पवित्र स्थल पर हजारों श्रद्धालु आते हैं, यदि वे दर्शन के साथ इस पुण्य कार्य से जुड़ें तो यह समाज के लिए एक बड़ा योगदान होगा।”- ऋषव गुप्ता, कलेक्टर, खंडवा
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि आस्था के साथ जब सामाजिक सरोकार जुड़ जाता है, तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। प्रशासन का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ना है।
पहले दिन 13 से ज्यादा भक्तों ने किया रक्तदान
इस अनूठी पहल को पहले ही दिन श्रद्धालुओं का भरपूर समर्थन मिला। मंगलवार को अभियान की शुरुआत के कुछ ही घंटों में 13 से अधिक श्रद्धालुओं ने रक्तदान कर इस नेक काम में हिस्सा लिया और वीआईपी दर्शन का लाभ उठाया। प्रशासन को उम्मीद है कि यह संख्या तेजी से बढ़ेगी और ओंकारेश्वर का यह मॉडल देश के अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा। यह पहल आस्था और सेवा का एक अनूठा संगम साबित हो रही है।






