ओंकारेश्वर में ममलेश्वर और ओंकारेश्वर मंदिर क्षेत्र के विस्तार को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध जारी है। दरअसल विवाद सुलझाने के लिए सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, मांधाता विधायक नारायण पटेल, संत समाज और प्रशासन के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इसमें कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसपी अगम जैन भी शामिल हुए। बैठक में 19 मुद्दों पर चर्चा हुई लेकिन डुकिया में 450 प्लॉट देकर प्रभावित परिवारों को बसाने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन सकी। प्रशासन ने साफ किया है कि सभी पक्षों की सहमति बनने तक प्रोजेक्ट के तहत कार्रवाई नहीं होगी।

दरअसल प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र के विस्तार से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए डुकिया में कॉलोनी विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। इस योजना पर करीब 20 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए सात एकड़ जमीन पर 450 प्लॉट उपलब्ध कराने की बात कही गई है। हालांकि स्थानीय लोगों की मुख्य आपत्ति यह है कि उन्हें अपने घर छोड़कर ओंकारेश्वर से दूर डुकिया में बसना पड़ेगा।

पुनर्वास की योजना पर नहीं बन पा रही सहमति

स्थानीय लोगों के लिए यह मामला सिर्फ नए प्लॉट मिलने या मकान बदलने तक सीमित नहीं है। उनके घर, रोजमर्रा का जीवन और ओंकारेश्वर से जुड़े धार्मिक-सामाजिक संबंध भी इस फैसले से प्रभावित होंगे। इसी वजह से पुनर्वास की योजना पर सहमति नहीं बन पा रही है। बैठक में 19 बिंदुओं पर चर्चा के बावजूद सभी पक्ष किसी एक फैसले पर नहीं पहुंचे। अब प्रशासन को स्थानीय लोगों की मांगों और आपत्तियों को समझकर ऐसा रास्ता निकालना होगा जिस पर प्रभावित परिवार भी सहमत हों।

कलेक्टर ने दिया भरोसा

दरअसल कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बैठक में कहा कि जब तक सभी पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती तब तक मंदिर विस्तार प्रोजेक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विवाद का हल निकालने के लिए आगे भी बैठकें की जाएंगी। प्रशासन स्थानीय लोगों, संत समाज और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर समाधान तलाशेगा। कलेक्टर ने यह भी बताया कि सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल स्थानीय लोगों के बीच जाकर उनकी मांगें और आपत्तियां समझेंगे। बातचीत के दौरान सामने आने वाले मुद्दों का लिखित रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके बाद संबंधित मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा ताकि आगे की प्रक्रिया तय की जा सके। इससे स्थानीय लोगों की बात और उनकी आपत्तियां दर्ज करने का रास्ता बनेगा। प्रशासन का कहना है कि जब बातचीत से समाधान निकाला जा सकता है तो टकराव की जरूरत नहीं है। कलेक्टर ने इसी आधार पर बंद को लेकर भी सवाल उठाया और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने पर जोर दिया।

जानिए क्यों कर रहे स्थानीय लोग विरोध?

वहीं ओंकारेश्वर में मंदिर क्षेत्र के विस्तार को लेकर विवाद का अहम मुद्दा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास है। प्रशासन ने डुकिया में कॉलोनी बनाकर 450 प्लॉट देने का विकल्प रखा है लेकिन स्थानीय लोग ओंकारेश्वर छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। उनके लिए अपने मौजूदा घर और क्षेत्र से जुड़े सामाजिक व धार्मिक संबंध भी अहम हैं। ऐसे में केवल प्लॉट उपलब्ध कराने से विवाद का हल निकलना मुश्किल दिखाई दे रहा है जब तक प्रभावित परिवारों की दूसरी मांगों पर भी चर्चा न हो। कलेक्टर ने दादाजी मंदिर निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि उस मामले में भी सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने लगातार बैठकें कर रास्ता निकालने का प्रयास किया था। उसी तरह ओंकारेश्वर मंदिर विस्तार के मामले में भी बातचीत से समाधान खोजने की कोशिश की जाएगी।