मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल ओंकारेश्वर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 18 और 19 जून को प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी। उनके आगमन को देखते हुए प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। राष्ट्रपति का यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों के कारण भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ओंकारेश्वर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में देश की प्रथम नागरिक का यहां आगमन क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है। प्रशासनिक अधिकारियों को विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है और संभावित कार्यक्रमों के अनुसार तैयारियों को अंतिम रूप देने का काम शुरू हो चुका है।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन और रात्रि विश्राम का प्रस्तावित कार्यक्रम
प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 जून को ओंकारेश्वर पहुंचेंगी। यहां वे भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगी और विशेष पूजा-अर्चना में शामिल होंगी। इसके बाद उनके ओंकारेश्वर में ही रात्रि विश्राम करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर, घाट क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और अन्य एजेंसियां लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं। अधिकारियों का ध्यान इस बात पर है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
ओंकारेश्वर केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व के कारण भी देशभर में प्रसिद्ध है। नर्मदा नदी के बीच स्थित यह तीर्थस्थल हर वर्ष लाखों लोगों को आकर्षित करता है। राष्ट्रपति का दौरा इस क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
सिकल सेल जागरूकता कार्यक्रम में भी होंगी शामिल
19 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सिकल सेल जागरूकता और स्वास्थ्य कार्यक्रम में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी मौजूद रह सकते हैं।
राष्ट्रपति के संभावित दौरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रोटोकॉल से लेकर सुरक्षा और आवागमन तक हर व्यवस्था की बारीकी से निगरानी की जा रही है। हालांकि अभी आधिकारिक रूप से अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि होना बाकी है, लेकिन प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
ओंकारेश्वर का राष्ट्रपति भवन से जुड़ा इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 1989 में तत्कालीन राष्ट्रपति आर. वेंकटरामन यहां भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर के दर्शन करने पहुंचे थे। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकरदयाल शर्मा और प्रतिभा देवीसिंह पाटिल भी व्यक्तिगत रूप से ओंकारेश्वर की यात्रा कर चुके हैं।





