ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में एक तीन वर्षीय बालक की सेप्टिक टैंक में गिरकर दुःखद मृत्यु हो जाने की घटना को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस हृदय विदारक घटना पर गहरा दुःख और शोक व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस दुर्घटना की जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पूरे प्रकरण की तत्काल विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि दुर्घटना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चेतावनी दी है कि विभागीय जाँच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार के लिए आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में, जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण नोडल अधिकारी, उपयंत्री श्री सुरेश चंद्र पाटीदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।
जिला प्रशासन और नगर परिषद को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिला प्रशासन और नगरपरिषद को सभी आवश्यक सावधानियां बरतने के विस्तृत निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर के पवित्र घाटों पर गंदगी और सीवेज का बहाव किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। इसके लिए हर संभव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि धार्मिक और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनी रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि घाटों और अन्य खतरनाक स्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पुलिस/होमगार्ड के जवानों की आवश्यक रूप से तैनाती की जाए। सुरक्षा के इन उपायों से आकस्मिक दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा।
सीवर चैंबरों का होगा तत्काल सर्वे, टूटे ढक्कन बदलने के दिए सख्त निर्देश
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सीवर चैंबरों का तत्काल सर्वे कराने और टूटे-फूटे ढक्कनों को तुरंत बदलवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी प्रकार के मरम्मत कार्य बिना किसी विलंब के तत्काल किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि भविष्य में सभी सावधानियां अपनाई जाएं और यह जिला प्रशासन का दायित्व है कि इस प्रकार की दुःखद घटना की पुनरावृत्ति किसी भी कीमत पर न हो। उन्होंने प्रशासन को इस दिशा में सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया है।
हादसे में हुई तीन साल के मासूम की मौत
यह उल्लेखनीय है कि गत दिवस ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र स्थित धर्मशाला परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई उपरांत मलबे को यथा स्थान रखा गया था, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। हालांकि, अज्ञात व्यक्तियों द्वारा मलबे से लोहा, सरिया, भंगार और अन्य सामग्री निकाली गई, जिसके कारण सेप्टिक टैंक के ढक्कन को क्षति पहुँचाई गई और उसे खुला छोड़ दिया गया। इसी दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति में एक तीन वर्षीय बालक सेप्टिक टैंक में गिर गया, जिससे उसकी दुःखद मृत्यु हो गई। इस घटना ने प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिस पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है।






