दमोह पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को दबोचा है। ये चोर उत्तराखंड के रहने वाले हैं और देश के कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। यह कार्रवाई दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र में हुई, जहां बीते 22 मई को जैन समाज के प्रसिद्ध विरागोदय तीर्थ क्षेत्र मंदिर में चोरी की बड़ी घटना सामने आई थी। चोरों ने मंदिर की दान पेटी पर हाथ साफ किया था, जिससे जैन समाज में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल था।
घटना मंदिर परिसर में लगे कैमरों में स्पष्ट रूप से कैद हो गई थी। इन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही पथरिया पुलिस ने चोरों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने फुटेज का गहनता से विश्लेषण किया और संदिग्धों की पहचान की दिशा में तेजी से आगे बढ़ी। लगातार जांच, तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना पर पुलिस ने आखिरकार दो चोरों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इन शातिर चोरों को दबोचते ही पुलिस भी हैरान रह गई, क्योंकि इनका आपराधिक ट्रैक रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला था। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए ये चोर साधारण अपराधी नहीं हैं, बल्कि बेहद शातिर और पेशेवर अपराधी हैं।
कई राज्यों में दर्ज हैं संगीन मामले
इनके खिलाफ देश के कई राज्यों में संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। चोरी इनका पसंदीदा अपराध है, और विशेषकर मंदिरों को निशाना बनाना इन्हें बड़ा सुकून देता है। पूछताछ में चोरों ने बताया कि वे एक बड़े अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के सदस्य हैं। उनका गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय है और अधिकतर मंदिरों को ही अपना निशाना बनाता है। दमोह में भी उन्होंने विरागोदय तीर्थ क्षेत्र के विशाल मंदिर को देखा था, जिसके बाद उन्होंने वहां चोरी की वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई और सफल भी हुए।
पकड़े गए आरोपियों से कई और वारदातों के खुलासे की उम्मीद
एसडीओपी पथरिया दमोह प्रिया सिंधी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने मंदिर चोरी की घटना को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपितों से और भी कई वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है। पुलिस ने इन चोरों के पास से चोरी का सामान बरामद करने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल, पुलिस पकड़े गए चोरों से गहराई से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में अंतर्राज्यीय गिरोह के अन्य सदस्यों और देश के अन्य हिस्सों में हुई चोरी के अन्य मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। पुलिस टीम अब इन चोरों के पूरे नेटवर्क को तोड़ने और उनके अन्य साथियों को पकड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
दमोह पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल पथरिया के जैन मंदिर में हुई चोरी का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि एक ऐसे अंतर्राज्यीय चोर गिरोह पर भी लगाम कसी गई है जो लगातार देश के विभिन्न राज्यों में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम दे रहा था। इस गिरफ्तारी से धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी एक सकारात्मक संदेश गया है। पुलिस का मानना है कि इन चोरों की गिरफ्तारी से कई और अनसुलझे मामलों की गुत्थी भी सुलझ सकती है।





