मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में इंदौर लोकायुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने सोमवार देर रात जिले की सेगांव तहसील में पदस्थ पटवारी खूमसिंह धारवे को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह राशि कृषि भूमि के नामांतरण के एवज में मांगी गई थी।साथ ही मामले में तहसीलदार और एक अन्य पटवारी के विरुद्ध भी प्रकरण दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार, बड़ी कसरावद निवासी पुनीत नाडीवाल ने अपनी पत्नी की कृषि भूमि के नामांतरण के लिए रिश्वत मांगे जाने की शिकायत (25 सितंबर 2026) इंदौर लोकायुक्त पुलिस से की थी। पुनीत ने अपनी शिकायत में बताया था कि अपनी पत्नी के नाम से खरीदी गई ज़मीन के नामांतरण के लिए तहसीलदार कार्यालय में आवेदन किया था। तहसीलदार अंतरसिंह कनेश ने पटवारी खुमसिंह धारवे से संपर्क करने को कहा ।

पटवारी खेमसिंह धारवे ने पटवारी कुलदीप यादव के जरिए 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग रखी है। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने मामले की जांच  की और सत्यापन होने पर  8 सदस्यीय टीम बनाकर योजनाबद्ध तरीके से पटवारी को पकड़ने का जाल बिछाया।  इसके बाद  शारदा हॉस्पिटल के सामने स्थित पाटीदार मेडिकल के पास पीड़ित ने जैसे ही रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 20,000 रुपये दिए, लोकायुक्त टीम ने पटवारी खूमसिंह धारवे को रंगे हाथों पकड़ लिया।

जांच में सामने आया कि इस खेल में  पटवारी धारवे के साथ सेगांव तहसीलदार अंतरसिंह कनेश और  पटवारी कुलदीप यादव भी शामिल थे, इसलिए टीम ने तहसीलदार और दोनों पटवारियों  के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। लोकायुक्त की टीम ने नामांतरण संबंधी मूल राजस्व दस्तावेज, डायरी और अन्य साक्ष्य  भी अपने कब्जे में ले लिए हैं  और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।