खरगोन के जामघाट से सामने आई तस्वीर ने हर किसी की सांसें रोक दीं। महाराष्ट्र से महेश्वर घूमने आए 50 से ज्यादा स्कूली बच्चों से भरी बस अचानक अनियंत्रित हो गई। बताया जा रहा है कि बस के ब्रेक फेल हो गए थे। इसके बाद बस सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग को तोड़ते हुए सीधे खाई की तरफ बढ़ गई।
गनीमत रही कि बस खाई में पूरी तरह गिरने से पहले ही मुहाने पर अटक गई। बस का एक हिस्सा हवा में लटक गया और अंदर बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बिना देर किए मदद शुरू की और बस में फंसे सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
ब्रेक फेल होते ही अनियंत्रित हुई बस
जानकारी के मुताबिक, बस में 50 से ज्यादा स्कूली विद्यार्थी सवार थे। सभी महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश के महेश्वर घूमने के लिए आ रहे थे। मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के जामघाट में बस अचानक परेशानी में फंस गई।
बताया जा रहा है कि जामघाट के ढलान और मोड़ वाले हिस्से में बस के ब्रेक फेल हो गए। चालक ने बस को संभालने की कोशिश की, लेकिन वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया। कुछ ही पल में बस सड़क के किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग से टकरा गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि रेलिंग टूट गई और बस आगे खाई की ओर बढ़ गई। इसके बाद बस का अगला हिस्सा खाई के मुहाने पर जाकर अटक गया। बस का आधा हिस्सा हवा में लटकता देख अंदर बैठे बच्चों की हालत खराब हो गई।
बस कुछ इंच और आगे जाती तो बड़ा हादसा
जामघाट का यह हिस्सा पहले से ही खतरनाक माना जाता है। यहां सड़क पर ढलान के साथ कई मोड़ हैं और सड़क के किनारे गहरी खाई है। ऐसे में अगर बस खाई में गिर जाती तो हादसा बेहद गंभीर हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस की रफ्तार ज्यादा नहीं थी। इसी वजह से वाहन को पूरी तरह खाई में गिरने से पहले रोकने में मदद मिली। सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग ने भी बस की गति को कम किया।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बस का थोड़ा सा हिस्सा और आगे चला जाता तो वाहन सीधे गहरी खाई में गिर सकता था। उस स्थिति में बच्चों को बचाना बेहद मुश्किल हो जाता।
ग्रामीणों ने बिना देर किए शुरू किया रेस्क्यू
हादसे के बाद सबसे पहले आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बस की हालत देखकर उन्होंने तुरंत बच्चों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। बस का मुख्य रास्ता मुश्किल होने के कारण ग्रामीणों ने पीछे का इमरजेंसी गेट तोड़कर रास्ता बनाया। इसके बाद बच्चों को एक-एक करके बस से बाहर निकाला गया।
उस समय सबसे बड़ी चुनौती बस को स्थिर रखना थी। ग्रामीणों ने मिलकर बस को संभालने की कोशिश की, ताकि वह आगे खाई की ओर न खिसके। उनकी तत्परता से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद मिली।
पुलिस और डायल 112 की टीम भी पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही मंडलेश्वर पुलिस सक्रिय हुई। थाना प्रभारी पंकज तिवारी पुलिस टीम और डायल 112 के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। हादसे के बाद सभी विद्यार्थी काफी घबराए हुए थे। उन्हें पहले सुरक्षित किया गया और इसके बाद महेश्वर भेजने की व्यवस्था की गई।
ग्रामीणों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
जामघाट बस हादसे में पुलिस और प्रशासन के पहुंचने से पहले ग्रामीणों की भूमिका सबसे अहम रही। अगर मौके पर मौजूद लोगों ने समय रहते बस की तरफ दौड़कर मदद नहीं की होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना बस के पास पहुंचकर बच्चों को बाहर निकालने में मदद की। पीछे का इमरजेंसी गेट खोलकर बच्चों को निकालना भी उसी समय लिया गया एक जरूरी फैसला था। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि किसी आपात स्थिति में आसपास मौजूद लोगों की समझदारी और तुरंत मदद कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।






