पटवारी ने कृषि भूमि के बटांकन, नामांतरण के लिए मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया

लोकायुक्त टीम ने खरगोन जिले से करीब 100 मीटर दूर नेहरु मार्केट विपुल टायर के पास रोड किनारे करहि में आवेदक से 4000/- रुपये रिश्वत लेते पटवारी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
Patwari arrested red-handed accepting bribe in Khargone

Patwari arrested red-handed accepting bribe in Khargone

लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने आज एक ही दिन में दो भ्रष्ट शासकीय सेवकों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, एक कार्रवाई इंदौर में की जहाँ नगर निगम में पदस्थ सब इंजीनियर को 5000/- रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा वहीं दूसरी कार्रवाई खरगोन में की जहाँ एक पटवारी को 4000/- रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

नगर निगम इंदौर में भ्रष्ट सब इंजीनियर को गिरफ्तार करने के अलावा लोकायुक्त इंदौर की एक टीम खरगोन पहुंची और यहाँ उसने एक पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया, आरोपी पटवारी एक किसान से उसकी कृषि भूमि का बटांकन और नामांतरण करने के बदले रिश्वत ले रहा था।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय इंदौर से मिली जानकारी के मुताबिक  खरगोन जिले को महेश्वर तहसील की टप्पा तहसील करही के ग्राम मोहनया में रहने वाले किसान कपिल राठौर ने एक शिकायती आवेदन दिया जिसमें हल्का पटवारी सुनील पटेल पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये।

बटांकन, नामांतरण के लिए मांगी रिश्वत 

शिकायतकर्ता कपिल राठौर ने बताया कि उसने वाटर प्लांट खोलने के लिए अपने परिवार की कृषि भूमि को ख़रीदा जिसके बटांकन और नामांतरण के लिए तहसील में आवेदन दिया था वहां पदस्थ पटवारी सुनील पटेल उससे इस काम के बदले 4000/- रुपये की रिश्वत मांग रहा है।

रिश्वत लेते पकड़ा गया पटवारी  

शिकायत मिलने के बाद एसपी राजेश सहाय ने इसके सत्यापन के आदेश दिए सत्यापन में रिश्वत मांगने की बात सही निकली उसके बाद ट्रेल दल गठित किया गया जिसे कार्रवाई के लिए खरगोन  भेजा गया, टीम ने यहाँ जिले से करीब 100 मीटर दूर नेहरु  मार्केट विपुल टायर के पास रोड किनारे करहि में आवेदक से 4000/- रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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