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फूलों से लबालब होगा अपराजिता, घर की ये बेकार चीजें आएंगी काम

Written by:Bhawna Choubey
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अपराजिता पौधा घर की खूबसूरती और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है, लेकिन कई बार इसमें फूल न आने की समस्या हो जाती है। जानिए कैसे घर पर मौजूद कुछ आसान चीजों से बनी खाद इस पौधे को स्वस्थ और हरा-भरा बना सकती है और कुछ ही दिनों में ढेरों कलियां खिला सकती है।
फूलों से लबालब होगा अपराजिता, घर की ये बेकार चीजें आएंगी काम

आपके बगीचे में अपराजिता का पौधा तो हरा-भरा है, लेकिन उसमें एक भी फूल नहीं आ रहा? ये समस्या ज्यादातर लोग झेलते हैं। पौधा बढ़ता तो है, लेकिन कलियां न बनने से उसकी असली सुंदरता खो जाती है। ऐसे में लोग महंगी खाद और दवाइयों का सहारा लेते हैं, फिर भी मनचाहा परिणाम नहीं मिलता।

असल में, अपराजिता पौधे को खास तरह की देखभाल और सही पोषण की जरूरत होती है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको बाजार से महंगी चीजें लाने की जरूरत नहीं है। आपके घर में ही कुछ ऐसी सामान्य चीजें मौजूद हैं, जिनसे बनी खाद पौधे को तेजी से फूलने-फलने के लिए तैयार कर देती है। आइए जानते हैं वे कौन-सी चीजें हैं और उनका इस्तेमाल कैसे करें।

क्यों नहीं खिलते अपराजिता में फूल?

अपराजिता पौधे में फूल न आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे बड़ा कारण है पौधे को पर्याप्त पोषण न मिल पाना। यदि मिट्टी में जैविक खाद की कमी हो या पौधा नियमित रूप से धूप और पानी न पा रहा हो, तो उसकी बढ़त तो होती है लेकिन फूल नहीं खिलते। इसके अलावा, गमले की मिट्टी सख्त होने या पौधे की जड़ों को ऑक्सीजन न मिलने से भी समस्या बढ़ सकती है।

घर की इन चीजों से बनाएं कारगर खाद

नीम की खली

नीम की खली बीज से तेल निकालने के बाद बची हुई खली होती है। इसे खेतों में डालने से मिट्टी में हानिकारक कीड़े और फंगस पनप नहीं पाते। यह मिट्टी की उर्वरकता बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक कीटनाशक का काम भी करती है। इससे पौधों की जड़ें मज़बूत बनती हैं।

लकड़ी की राख

लकड़ी जलने के बाद बची राख फसलों के लिए बहुत उपयोगी होती है। इसमें पोटाश और सूक्ष्म तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं, जो फल और फूल वाली फसलों की वृद्धि को बढ़ाते हैं। यह अम्लीय मिट्टी की स्थिति को भी संतुलित करती है और पौधों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।

गुड़ और छाछ का घोल

गुड़ और छाछ को मिलाकर घोल बनाने से मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्म जीव तेजी से पनपते हैं। यह घोल जैविक खाद की तरह काम करता है और मिट्टी की उर्वरकता को लंबे समय तक बनाए रखता है। खासकर सब्ज़ियों और फलदार पौधों में इसका उपयोग करने से फसल अच्छी होती है।

तंबाकू का घोल

तंबाकू की पत्तियों या चूरे से बना घोल प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में काम करता है। इसे फसलों पर छिड़कने से हानिकारक कीड़े जैसे एफिड्स, सफेद मक्खी और थ्रिप्स भाग जाते हैं। यह रासायनिक दवाओं का अच्छा विकल्प है और फसलों को सुरक्षित तरीके से बचाता है।

चाय की पत्ती

अक्सर बची हुई चाय की पत्तियां हम फेंक देते हैं, लेकिन ये पौधों के लिए बेहतरीन खाद होती हैं। इसमें मौजूद नाइट्रोजन अपराजिता की जड़ों को मजबूत करता है और पत्तियों को गहरा हरा बनाता है। इस्तेमाल के लिए चाय की पत्तियों को धोकर सुखा लें और फिर मिट्टी में मिला दें।

केले का छिलका

केले के छिलके पोटैशियम और फॉस्फोरस से भरपूर होते हैं। ये दोनों तत्व फूलों के बनने में सबसे ज्यादा मदद करते हैं। छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में दबा दें या फिर पानी में भिगोकर उसका घोल बनाकर पौधे में डालें।

सब्जियों का छिलका

रसोई में रोजाना निकलने वाले सब्जियों के छिलके पौधों के लिए प्राकृतिक खाद का काम करते हैं। खासकर लौकी, तरबूज और खीरे के छिलके पौधे में नमी बनाए रखते हैं और मिट्टी को पोषण देते हैं। इन्हें सुखाकर पाउडर बना लें और समय-समय पर मिट्टी में डालते रहें।

गोबर की खाद

यदि आपके पास गाय का गोबर उपलब्ध है तो यह पौधों के लिए सबसे उत्तम खाद है। गोबर की खाद मिट्टी को उपजाऊ बनाती है और अपराजिता पौधे को तेजी से फूलने के लिए तैयार करती है। ध्यान रहे कि हमेशा सड़ी हुई और सूखी खाद का ही इस्तेमाल करें।

कुछ ही दिनों में दिखेगा असर

इन घरेलू खादों का सही समय पर इस्तेमाल करने से अपराजिता पौधा तेजी से नई कोंपलें और कलियां निकालने लगता है। खासकर केले और चाय की पत्तियों का मिश्रण पौधे को आवश्यक पोषण देकर उसमें लगातार फूल लाने में मदद करता है। इसके साथ ही पौधे को पर्याप्त धूप, समय पर पानी और खुली हवा भी जरूरी है।

 

 

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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