डहेलिया के पौधे (Dahlia Plant) अपनी सुन्दरता और बड़े बड़े ही रंगीन फूलों की वजह से ही घर की सुंदरता बढ़ाते हैं। लेकिन अक्सर कई लोगों की शिकायत रहती है कि पौधों में पत्तियाँ तो बहुत आती है लेकिन फूल कम खिलते हैं या फिर खिलते ही नहीं है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो आपको टेंशन लेने की बिलकुल ज़रूरत नहीं।

क्योंकि गार्डनिंग एक्सपोर्ट का कहना है कि ऐसी कंडिशन में सिर्फ़ दो चीज़ों का इस्तेमाल करने से भर भर के फूल खिलते हैं। जिन दो चीज़ों के बारे में हम बात कर रहे हैं वह है DAP और पोटाश। इन दोनों चीज़ों को सही तरीक़े से मिट्टी में मिलाकर डहेलिया के पौधों में डालने से ना सिर्फ़ कलियाँ आएगी बल्कि बड़े बड़े और स्वस्थ फूल भी खिलेंगे।

DAP और पोटाश से डहेलिया में कैसे लाएं फूलों की बहार

1. DAP से मिलती है पौधे को जड़ों की ताकत

DAP (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) एक लोकप्रिय उर्वरक है जो पौधे की जड़ों को मजबूत बनाने का काम करता है। जब डहेलिया के पौधे को DAP दिया जाता है, तो उसकी जड़ों में मजबूती आती है और पौधा पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से सोख पाता है।

  • इससे पौधा जल्दी ग्रो करता है।
  • नई शाखाएं और कली बनने की प्रक्रिया तेज होती है।
  • पौधा हेल्दी दिखता है और उसमें रोग लगने की संभावना कम हो जाती है।

2. पोटाश से आते हैं मोटे और ज्यादा फूल

पोटाश पौधों के लिए जरूरी एक प्रमुख पोषक तत्व है, खासकर जब बात फूल और फल आने की हो। पोटाश डहेलिया में फूल बनने की प्रक्रिया को तेज करता है और कलियों की संख्या बढ़ाता है। साथ ही यह फूलों को बड़ा और टिकाऊ भी बनाता है।

  • पौधा ज्यादा फूल देता है।
  • कलियां जल्दी सूखती नहीं हैं।
  • फूल लंबे समय तक खिले रहते हैं।

3. कब और कैसे करें DAP और पोटाश का सही इस्तेमाल?

इन दोनों खादों का इस्तेमाल तभी फायदेमंद होता है जब आप सही समय और सही मात्रा में दें। डहेलिया का मुख्य सीजन ठंड के महीने होते हैं नवंबर से फरवरी। इस दौरान पौधे को पोषण की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

  • शुरुआती 15 दिनों में DAP दें, ताकि पौधे की नींव मजबूत हो।
  • इसके बाद हर महीने पोटाश देना शुरू करें।
  • खाद देने के बाद पौधे को अच्छी धूप और हल्की सिंचाई दें।