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तोहफा…तोहफा…तोहफा: उपहार के भी होते हैं शिष्टाचार, जानिए दुनियाभर के कुछ मजेदार गिफ्ट एटीकेट्स

Written by:Shruty Kushwaha
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आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि इटली में नए साल की पूर्व संध्या पर लाल या पीले रंग के अंडरवियर उपहार में देना सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। वहीं, न्यूज़ीलैंड की माओरी संस्कृति में उपहार हमेशा कोई वस्तु हो ये जरूरी नहीं। यहां कभी-कभी कोई गीत, नृत्य या कहानी सुनाना भी तोहफे का रूप ले सकता है। ब्राज़ील में बच्चों के जन्मदिन पर एक परंपरा है कि जिस बच्चे का बर्थडे है वो मेहमानों को मिठाइयां देता है। इसके बदले में मेहमान उसके लिए उपहार लाते हैं। वहीं, जर्मनी में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर किताबें उपहार में देना एक प्यारी परंपरा है। लोग एक-दूसरे को किताबें गिफ्ट करते हैं और रात को कंबल में दुबककर पढ़ते हैं।
तोहफा…तोहफा…तोहफा: उपहार के भी होते हैं शिष्टाचार, जानिए दुनियाभर के कुछ मजेदार गिफ्ट एटीकेट्स

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तोहफा..ये यह छोटा सा शब्द कितना जादू बिखेरता है ना! एक चमकता हुआ लिफाफा, रंग-बिरंगे रिबन में लिपटा पैकेट या बस एक प्यारी-सी मुस्कान के साथ दिया गया कुछ खास..उपहार सिर्फ एक चीज़ नहीं, बल्कि दुआओं का मूर्त रूप भी है। हम सबसे अच्छा लगता है जब कोई उपहार मिलता है। आपको जब कोई गिफ्ट देता है तो आप क्या करते हैं ? क्या तुरंत खोल लेते हैं या जिसने गिफ्ट दिया है उसके जाने का इंतज़ार करते हैं ?

उपहार का भी शिष्टाचार होता है। और ये शिष्टाचार अलग अलग जगह के हिसाब से बदलता रहता है। कहीं गिफ्ट देने वाले के सामने ही उसे खोलना अशिष्टता मानी जाती है तो कहीं तुरंत खोलकर देखना और आभार व्यक्त करने का रिवाज़ है। ये सब अलग अलग समाज और देशों की मान्यताओं पर निर्भर करता है कि कहां क्या प्रचलन है। आइए जानते हैं दुनिया के कुछ हिस्सों में गिफ्ट से जुड़े एटीकेट्स।

भारत: इंतज़ार का मज़ा 

भारत में उपहारों को लेकर सामान्य परंपरा है कि हम उपहार देने वाले के जाने के बाद ही तोहफा खोलते हैं, ताकि देने वाले की भावनाओं का सम्मान किया जा सके। यहां मेहमान के जाते ही उपहार खोलने का रिवाज़ है क्योंकि शिष्टाचार कहता है, पहले मेहमान की खातिरदारी, फिर तोहफे की तारीफ। इससे न सिर्फ़ देने वाले की भावनाओं का सम्मान होता है, बल्कि थोड़ा सस्पेंस भी बना रहता है। शादी-विवाह में ‘शगुन’ के लिफाफे या सोने-चांदी के गहने देना तो जैसे रिश्तों की गर्माहट को और बढ़ाता है।

जापान: दिल जीतने का जादू

जापान में उपहार देना एक कला है। यहां उपहार को सुंदरता से पैक करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उपहार है। उपहार देने और प्राप्त करने के समय दोनों हाथों का उपयोग करना सम्मान का प्रतीक माना जाता है। जापान में तोहफा देना किसी पेंटिंग बनाने जैसा है। यहां ‘त्सुमेटाई’ यानी खूबसूरत पैकेजिंग का जलवा है। रिबन, कागज और बारीक डिज़ाइन..सब कुछ इतना परफेक्ट कि तोहफा खोलने का मन ही न करे। दोनों हाथों से उपहार देना और लेना यहां का अनकहा नियम है, जो सम्मान का प्रतीक है। और यहां कीमत का टैग हटाना  जरूरी है वरना लेने वाले को बुरा लग सकता है।जापान में ‘ओ-मियागे’ यानी यात्रा से लाए गए छोटे-मोटे तोहफे भी खूब चलते हैं..चाहे वो टोक्यो का कीचेन हो या ओसाका की मिठाई।

चीन: लाल लिफाफे और ‘नहीं’ वाली सावधानियां

चीन में उपहार देने के समय प्रतीकों और रंगों का विशेष महत्व होता है। यहां लाल रंग को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, जबकि सफेद और काले रंग को शोक से जोड़ा जाता है, इसलिए इनसे बचना चाहिए। इसके अलावा, घड़ी या धारदार वस्तुएं देना अनुचित माना जाता है, क्योंकि ये रिश्तों के समाप्त होने का संकेत देती हैं। लाल रंग का ‘होंगबाओ’ लिफाफा, जिसमें नकद होता है नए साल या शादी में खुशियां बांटता है। और यहां उपहार को तुरंत खोलना बुरा मानाजाता है..जब तक देने वाला न कहे ‘खोलकर देखो’।

दक्षिण कोरिया: दोनों हाथों का उपयोग जरूरी

दक्षिण कोरिया में उपहार देने और प्राप्त करने के समय दोनों हाथों का उपयोग करना अनिवार्य है। यह सम्मान और विनम्रता का प्रतीक है। यहां उपहार को तुरंत खोलना भी असभ्यता माना जाता है। इसे बाद में अकेले में खोलना ही उचित होता है। कोरियाई संस्कृति में उपहारों को खूबसूरती से पैक किया जाता है।

मध्य पूर्व: खजूर, इत्र और दिल की बात

मध्य पूर्व में तोहफा देना यानी उदारता का ढोल पीटन। सऊदी अरब या यूएई में मेहमानों को खजूर, इत्र या मिठाइयां देना आम बात है। और यहां उपहार तुरंत खोलकर तारीफ करना पसंद किया जाता है। लेकिन ये ध्यान रखना जरूरी है कि शराब या कुछ भी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ देने की बिल्कुल मनाही है।

पश्चिमी देश: खोलो, सराहो और गले लगाओ

अमेरिका, ब्रिटेन या ऑस्ट्रेलिया में तोहफा मिलते ही बच्चे-बड़े सब “वाओ” कहते हुए पैकेट फाड़ने में जुट जाते हैं। क्रिसमस हो या बर्थडे..उपहार खोलने का उत्साह देखते ही बनता है। और यहां पर तारीफ में थोड़ा ड्रामा भी होता है। लेकिन यहां तोहफे की कीमत का ज़िक्र बिलकुल खराब माना जाता है।

अफ्रीका: साथ मिलकर बांटने का मज़ा

अफ्रीकी देशों जैसे नाइजीरिया या दक्षिण अफ्रीका में तोहफा यानी सारा गांव एक परिवार। यहां उपहार अक्सर ज़रूरत की चीज़ें होती हैं जैसे चावल, तेल या कपड़े। कुछ समुदायों में तोहफा सबके सामने खोला जाता है और सबके साथ बांटा जाता है। यहां तोहफा सिर्फ़ एक व्यक्ति के लिए नहीं, पूरे समुदाय के लिए होता है।

रूस: ये नियम याद रखें

रूस में फूलों का तोहफा देते वक्त गिनती का ध्यान रखिए! सम संख्या में फूल सिर्फ अंतिम संस्कार में दिए जाते हैं। और विषम संख्या में फूल जैसे कि तीन, पांच या सातखुशी और प्यार का पैगाम लाते हैं। रूस में धन्यवाद कहने के लिए उपहार देना एक सामान्य परंपरा है। यहां धन्यवाद कार्ड की बजाय, मेजबान को एक छोटा उपहार देना अधिक बेहतर माना जाता है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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