क्या आपके पास भी आधार कार्ड के नए स्वरूप से जुड़ी कोई खबर आई है? सावधान! केंद्र सरकार ने ऐसी सभी रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड के डिजाइन में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जा रहा है। ऐसी सभी खबरें पूरी तरह से भ्रामक हैं। लोगों को इन अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर आधार कार्ड के डिजाइन में बदलाव की चर्चाएँ चल रही थीं। दावा किया जा रहा था कि आधार अब केवल एक छोटे फॉर्मेट में मिलेगा, जिसमें सिर्फ आपकी तस्वीर और एक क्यूआर कोड ही होगा। मगर, अब सरकार ने इन सभी बातों को पूरी तरह भ्रामक बताया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि आधार को छोटे फॉर्मेट में बदलने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह जानकारी गलत है।
सरकार की भ्रामक खबरों पर चेतावनी
सरकार ने इन भ्रामक खबरों पर कड़ी चेतावनी दी है। मंत्रालय के अनुसार, समय-समय पर ऐसी पोस्ट और खबरें सामने आती रहती हैं, जिनमें आधार के ‘नए लुक’ की बात कही जाती है। इनमें अक्सर साल के अंत तक बदलाव होने और केवल फोटो व क्यूआर कोड रहने जैसे दावे किए जाते हैं। यह जानकारी पूरी तरह से गलत है। ऐसी किसी भी योजना पर विचार नहीं किया जा रहा है। लोगों को ऐसी अफवाहों पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करना चाहिए। यह जनता के लिए महत्वपूर्ण सूचना है।
इस तरह की फर्जी खबरें जनता के मन में अनावश्यक भ्रम पैदा कर रही हैं। इससे लोगों में बेवजह की चिंता बढ़ रही है और वे गलत सूचनाओं का शिकार हो सकते हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सिर्फ भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के आधिकारिक माध्यमों पर ही विश्वास करें। इसके अलावा, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्तियों को ही अधिकृत और सही जानकारी का स्रोत मानें। यह बेहद जरूरी है कि हम सही जानकारी तक ही पहुँचें और गलत प्रचार से बचें।
सरकार ने मीडिया संस्थानों से भी अनुरोध किया है कि वे ऐसी अपुष्ट सूचनाओं को बढ़ावा न दें। ऐसी खबरें अनजाने में भी जनता को गुमराह कर सकती हैं। आधार कार्ड भारत की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली बन चुका है। यह करोड़ों लोगों की पहचान का सबसे विश्वसनीय माध्यम है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस समय लगभग 134 करोड़ आधार उपयोगकर्ता हैं। अब तक आधार के जरिए 17,000 करोड़ से भी अधिक प्रमाणीकरण लेनदेन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। यूआईडीएआई द्वारा प्रबंधित यह तंत्र विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी सेवाओं के लिए पहचान सत्यापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सरकार ने नागरिकों से की अपील
आधार का यह व्यापक महत्व ही इसे अफवाहों का निशाना बनाता है। इसलिए, सरकार ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाले ऐसे किसी भी भ्रामक पोस्ट को पूरी तरह से नजरअंदाज करें। अपनी पहचान से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोतों की ही जाँच करें। किसी भी गलत जानकारी से बचें और सुरक्षित रहें। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।





