बासी चावल में पाएं जाते हैं अनेक गुण, जो सेहत के लिए होता है गुड, जाने इसके फायदे  

बासी चावल में पाएं जाते हैं अनेक गुण, जो सेहत के लिए होता है गुड, जाने इसके फायदे  

जीवनशैली, डेस्क रिपोर्ट। बासी चावल या बासी भात (stale rice) में कई फायदेमंद गुण होते हैं, जो स्वास्थ के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। अक्सर घरों में चावल बच जाते हैं, कुछ लोग इसका इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से करते हैं तो कुछ इसे फेक देते हैं, बिना इसके गुणों को जाने है। लोगों के मन में बासी चावल को लेकर कई प्रश्न भी होते हैं, लेकिन आपको बता दें की भारत में कई क्षेत्रों में ऐसे त्योहार मनाए जाते हैं जहां बासी चावल का इस्तेमाल होता है और लोग बड़े ही चाव से अलग अलग पकवानों के साथ बासी भात का मजा लेते हैं। तो आइए जानते हैं बासी चावल के फायदे..

यह भी पढ़े… पुरुषों के लिए हींग किसी वरदान से कम नहीं, अभी जाने इसके फायदे

गर्मियों में बासी चावल बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह पेट को ठंडा करता है, जिससे गर्मी में शरीर में गर्मी बढ़ने से होने वाली समस्या भी कम होती है। पेट को ठंडा रखने के कारण बासी चावल कई बीमारियों से बचाने का काम करता है। इसमें कई पोषक तत्वों पाए जाते हैं, जो शरीर को मजबूत बनाता है। आयरन, कैल्शियम, पोटाशियम समेत कई मिनरल बासी चावल में पाए जाते हैं। यह फाईबर से भरपूर होता है।

यदि आप अब तक यह सोचते हैं की चावल वजन बढाता है तो आपकी यह सोच गलत हो सकती है। स्टडी के मुताबिक बासी चावल में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो वजन कम करने का काम करता है और अन्य चीजों के मुताबिक इसमें कैलोरी भी भरपूर होती है। यदि आप पेट की समस्या से परेशान हैं तो बासी चावल अपने लिए सही साबित हो सकता है। इतना ही नहीं बासी चावल का सेवन चेहरे के निखार को भी बढ़ाता है, इसमें मिलने वाले पोषक तत्वों के कारण स्किन में ग्लो आता है।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है। कृपया कोई भी कदम उठाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।                        

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews