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स्विट्जरलैंड को भूल जाओगे एक बार घूम लिए भारत के ये 2 हिल स्टेशन, यहां की खूबसूरती कर देगी हैरान

Written by:Ronak Namdev
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अगर आप भी विदेशी ट्रिप के लिए पैसे जोड़ रहे हैं तो एक बार भारत के औली और खज्जियार जरूर घूम आइए। इन जगहों की बर्फ से ढकी वादियां, हरियाली और शांत वातावरण देखकर आप खुद कहेंगे स्वर्ग यहीं है। ये हिल स्टेशन ना सिर्फ स्विट्जरलैंड को टक्कर देते हैं, बल्कि बजट फ्रेंडली भी हैं।
स्विट्जरलैंड को भूल जाओगे एक बार घूम लिए भारत के ये 2 हिल स्टेशन, यहां की खूबसूरती कर देगी हैरान

विदेश घूमना कई लोगों का सपना होता है, लेकिन उसका खर्च सुनकर अक्सर लोग पीछे हट जाते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि भारत में ही ऐसे हिल स्टेशन हैं, जहां की वादियां, मौसम और एडवेंचर एक्टिविटीज किसी इंटरनेशनल डेस्टिनेशन से कम नहीं? उत्तराखंड का औली और हिमाचल का खज्जियार ऐसी दो जगहें हैं जिन्हें देखकर लोग कहते हैं, अब स्विट्जरलैंड जाने की जरूरत नहीं!

ये हिल स्टेशन ना सिर्फ नेचर लवर्स के लिए स्वर्ग हैं, बल्कि फैमिली ट्रिप, हनीमून और एडवेंचर टूरिज्म के लिए भी परफेक्ट हैं। ऐसे में अगर आप आने वाले समय में कहीं बाहर जाने का मन कर रहे हैं तो आप इन जगह जा सकते हैं।

औली भारत का मिनी स्विट्जरलैंड

दरअसल औली, उत्तराखंड का एक छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, जो अपनी बर्फीली पहाड़ियों, स्कीइंग स्पॉट्स और शांत वातावरण के लिए फेमस है। यहां की घाटियां, हरियाली और 270 डिग्री हिमालयन व्यू देखकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। दिसंबर से मार्च के बीच यहां भारी बर्फबारी होती है, जिससे औली स्कीइंग का हॉटस्पॉट बन जाता है।

बता दें कि औली में एशिया की सबसे लंबी रोपवे यात्रा भी मौजूद है, जो जोशीमठ से शुरू होकर बर्फीली पहाड़ियों के बीच घूमते हुए औली तक पहुंचती है। एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और ट्रेकिंग के शानदार विकल्प हैं। दिल्ली से औली की दूरी लगभग 500 किमी है। निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश और हरिद्वार हैं, जहां से टैक्सी या बस से औली पहुंचा जा सकता है।

खज्जियार भी इंडिया का मिनी स्विट्जरलैंड

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में बसा खज्जियार एक ऐसा हिल स्टेशन है, जिसे स्विस भूगोलशास्त्रियों ने ‘मिनी स्विट्जरलैंड ऑफ इंडिया’ का दर्जा दिया है। यह जगह हरियाली से भरपूर है, और यहां एक गोल मैदान के बीच खूबसूरत झील स्थित है, जो इसे और भी आकर्षक बनाती है। चारों ओर ऊंचे देवदार के पेड़ और बर्फ से ढकी पहाड़ियां इसे किसी परी कथा जैसी जगह बना देते हैं।

बता दें कि खज्जियार में पैराग्लाइडिंग, घुड़सवारी और जोरबिंग जैसी एक्टिविटीज मिलती हैं, जो इसे एडवेंचर लवर्स के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाती हैं। झील किनारे बैठकर चाय पीना और फोटो क्लिक करना भी यहां के अनुभव का हिस्सा है। खज्जियार से नजदीकी रेलवे स्टेशन पठानकोट है, जो करीब 95 किमी दूर है। डलहौज़ी से खज्जियार की दूरी सिर्फ 24 किमी है, जिससे दोनों जगहों को एक साथ एक्सप्लोर किया जा सकता है।

Ronak Namdev
लेखक के बारे में
मैं रौनक नामदेव, एक लेखक जो अपनी कलम से विचारों को साकार करता है। मुझे लगता है कि शब्दों में वो जादू है जो समाज को बदल सकता है, और यही मेरा मकसद है - सही बात को सही ढंग से लोगों तक पहुँचाना। मैंने अपनी शिक्षा DCA, BCA और MCA मे पुर्ण की है, तो तकनीक मेरा आधार है और लेखन मेरा जुनून हैं । मेरे लिए हर कहानी, हर विचार एक मौका है दुनिया को कुछ नया देने का । View all posts by Ronak Namdev
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